बरेली: संक्रमितों को तुरंत इलाज देने में महकमा रिहर्सल में पास

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बरेली, अमृत विचार। घड़ी में जैसे ही मंगलवार को दोपहर का एक बजा कि तभी स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस के पास कॉल आई, दूसरी तरफ से एक युवक बोल रहा था, उसने बताया कि वह कोरोना संक्रमित है। उसे अस्पताल में भर्ती होना है। तुरंत संक्रमित का पता पूछकर चालक एक बजकर दस मिनट में …

बरेली, अमृत विचार। घड़ी में जैसे ही मंगलवार को दोपहर का एक बजा कि तभी स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस के पास कॉल आई, दूसरी तरफ से एक युवक बोल रहा था, उसने बताया कि वह कोरोना संक्रमित है। उसे अस्पताल में भर्ती होना है। तुरंत संक्रमित का पता पूछकर चालक एक बजकर दस मिनट में एंबुलेंस लेकर युवक के घर पहुंच गया। संक्रमित युवक एंबुलेंस में सवार हुआ। चूंकि संक्रमित के घर से 300 बेड कोविड चिकित्सालय की दूरी अधिक नहीं थी।

इस वजह से महज चार मिनट में एंबुलेंस संक्रमित को लेकर अस्पताल पहुंच गई। स्टाफ ने मरीज की थर्मल स्कैनिंग और ऑक्सीजन स्तर की जांच कर महज साढ़े चार मिनट में इमरजेंसी से अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कर दिया। दरअसल, शासन के आदेश पर मंगलवार को 300 बेड कोविड चिकित्सालय में कोरोना के चलते फाइनल रिहर्सल की गई, ताकि संक्रमित को फौरन बेहतर इलाज मिल सके। इसको लेकर तैयारियों की समीक्षा भी की गई। 300 बेड कोविड चिकित्सालय के प्रभारी सीएमएस डॉ. सतीश चंद्रा, सर्विलांस सेल प्रभारी डॉ. अनुराग गौतम और विश्व स्वास्थ्य संगठन के नोडल अधिकारी डॉ. अजीत पवार मौजूद रहे।

तीन बार ऑक्सीजन प्लांट का किया परीक्षण
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन के अभाव के चलते कई संक्रमितों की जान गई थी, भविष्य में कमी न हो, इसके लिए शासन ने पूर्व में ही 300 बेड कोविड चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण करा दिया है। अगर संक्रमितों की संख्या बढ़ती है तो उन्हें ऑक्सीजन संबंधी किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए मंगलवार को अधिकारियों ने ऑक्सीजन प्लांट भी संचालित कर इसका तीन बार परीक्षण किया। इसमें देखा गया कि प्लांट से वार्ड तक ऑक्सीजन सप्लाई में किसी प्रकार की कोई दिक्कत तो नहीं है। हालांकि, सप्लाई एक दम दुरुस्त रही।

रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में भी हुआ रिहर्सल
कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज में भी रिहर्सल की गई। इस दौरान एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार के नेतृत्व में महज पांच मिनट में संक्रमित मरीज को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। वहीं, इस दौरान कोरोना को लेकर की गई समस्त व्यवस्थाएं चाक चौबंद मिलीं। संस्थान के प्रधानाचार्य डॉ. चंद्र मोहन, डॉ. शरद सेठ, डॉ. मेधावी अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. फैज शमसी,डॉ. अमनदीप सिंह आदि मौजूद रहे।

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