बरेली: घोषणा पत्र से पहले 19 जिलों की नब्ज टटोल रही भाजपा
बरेली, अमृत विचार। भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव 2022 का घोषणा पत्र जारी करने से पहले यह जानने के प्रयास में जुटी है कि किन-किन मुद्दों को शामिल करें, जिससे चुनाव में फायदा मिले। इसलिए बरेली सहित राज्य के 19 जिलों में घोषणा पत्र सुझाव संकलन कार्यक्रम कराकर सामाजिक संस्थाओं के साथ कार्यकर्ताओं की नब्ज …
बरेली, अमृत विचार। भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव 2022 का घोषणा पत्र जारी करने से पहले यह जानने के प्रयास में जुटी है कि किन-किन मुद्दों को शामिल करें, जिससे चुनाव में फायदा मिले। इसलिए बरेली सहित राज्य के 19 जिलों में घोषणा पत्र सुझाव संकलन कार्यक्रम कराकर सामाजिक संस्थाओं के साथ कार्यकर्ताओं की नब्ज भी टटोल रही है। सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं लिखित सुझाव लिये जा रहे हैं। यूपी में नंबर भाजपा का टैग लगे पोस्टकार्ड नुमा कार्ड पर नाम पता और मोबाइल लिखवाकर सुझाव पेटिका में डलवाए जा रहे हैं।
बुधवार को आईएमए हाल में आयोजित कार्यक्रम में 150 से अधिक लोगों ने लिखित सुझाव दिए। 12 बिंदुओं के बारे में बताकर घोषणा पत्र के लिए सुझाव लिए गए हैं। कार्यक्रम भाजपा महानगर की ओर से आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि राजसभा सांसद कांता कर्दम रहीं। सांसद कांता ने कहा कि 19 जिलों से सुझाव मांगे गए हैं, जो विभिन्न विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की सरकारी योजनाएं जमीनी स्तर पर पहुंचाने का कार्य भी सामाजिक संस्थाओं ने किया है।
सामाजिक संस्थाओं से घोषणा पत्र सुझाव संकलन का कार्यक्रम रखा है, जिसमें आप लोगों के जरिए जो सुझाव आएंगे, उनसे प्रदेश को अवगत कराया जाएगा और उन्हीं पर विचार होगा। कांता कर्दम ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार रोकने, बिजली क्षेत्र में सुधार, मुख्य हाईवे को अन्य मार्गों से जोड़ने, नए एयरपोर्ट बनवाने और परीक्षा में भी भ्रष्टाचार रोकने समेत अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू कराने का काम किया है। महापौर डॉ उमेश गौतम ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं ने संकट काल के दौरान जो कार्य किया है, वह सराहनीय है। भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक डॉ प्रमेंद्र माहेश्वरी ने कहा कि जो समाजसेवी संस्थाएं कार्य कर रही हैं, वह सराहनीय हैं और सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
लोकतंत्र सेनानियों ने घोषणा पत्र में 5 हजार रुपये सम्मान राशि में वृद्धि की मांग रखी
विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के घोषणा पत्र सुझाव संकलन के कार्यक्रम में पूर्व महानगर महामंत्री एवं लोकतंत्र सेनानी वीरेंद्र कुमार अटल ने मुख्य अतिथि को सुझाव पत्र सौंपा। सुझाव पत्र में उन्होंने कहा कि 25-26 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक आपातकाल की तानाशाही के विरुद्ध संघर्ष को दूसरी आजादी की लड़ाई माना गया। आपातकाल के योद्धाओं को वर्ष 2006 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने लोकतंत्र रक्षक सेनानी का नाम मान और सम्मान दिया। प्रदेश सरकार ने भी ₹5000 रुपये की सम्मान राशि में वृद्धि कर लोकतंत्र सेनानियों के हित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदेश सरकार लोकतंत्र सेनानियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए गोल्डन कार्ड बनाने की प्रक्रिया जारी है। कुछ समस्याओं के निदान की अपेक्षा है।
उत्तर प्रदेश के सेनानी सम्मान संशोधन अधिनियम 2018 में 20 अगस्त, 1977 का महत्वपूर्ण शासनादेश को शामिल कर आपातकाल के संघर्ष को पाठ्यक्रम में सम्मिलित करने की मांग उठाई। वर्ष 1975 से 77 के मध्य तथा 2006 से पूर्व जिन आपातकाल बंदियों की मृत्यु हो चुकी है। उनके आश्रितों को भी सम्मान राशि प्रदान की जाए। स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस पर स्वतंत्रता सेनानियों की तरह लोकतंत्र सेनानियों को भी सम्मानित किया जाए। परिवहन निगम की बसों में लोकतंत्र सेनानियों को यात्रा की सुविधा प्रदान करने की घोषणा राजनीतिक पेंशन मंत्री द्वारा की जा चुकी है। सम्मान राशि में वर्तमान महंगाई को देखते हुए ₹5000 माह की वृद्धि की मांग उठाई। लोकतंत्र सेनानियों की मृत्यु पर अंत्येष्टि के लिए राशि प्रदान करने की मांग रखी।
कार्यक्रम में ये मौजूद रहे
कार्यक्रम में अधीर सक्सेना, इंदु सेठी, मीडिया प्रभारी बंटी ठाकुर, अरुण कश्यप, अमरीश कठेरिया, सामाजिक संस्थाओं से डॉ मनु नीरज, आरती तिवारी, आरती गुप्ता, शीलू त्रिपाठी, राशि पाराशरी एडवोकेट, सुधा बाला अग्रवाल, पूनम, पूजा, रचना सक्सेना, साधना सिंह, नीमा भंडारी, मोनिका, शिवाली श्रीवास्तव, भावना वर्मा, डॉ तृप्ति गुप्ता, गीता छाबड़ा, शीतल गुलाटी, रेखा श्रीवास्तव, रोली पांडे, आशु आर्य, परमजीत कौर आदि सामाजिक संस्थाओं के लोग मौजूद रहे।
