चुनाव की निष्पक्षता को प्रभावित करने में लगी भाजपा : अखिलेश यादव
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि 2022 में होने वाला चुनाव संविधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है। भाजपा साजिशों की राजनीति करती है और चुनाव की निष्पक्षता को नष्ट करने पर उतारू हैं। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के भाजपा और आरएसएस के बड़ी …
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि 2022 में होने वाला चुनाव संविधान और लोकतंत्र को बचाने का चुनाव है। भाजपा साजिशों की राजनीति करती है और चुनाव की निष्पक्षता को नष्ट करने पर उतारू हैं। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र आदि प्रदेशों के भाजपा और आरएसएस के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता चुनावों को प्रभावित करने के लिए प्रदेश में आ चुके हैं। संविधान और स्वतंत्रता आंदोलन के मूल्यों पर भाजपा बराबर हमलावर रही है। यही भाजपा का मूल एजेंडा भी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व का मात्र संगठन आरएसएस न तो स्वतंत्रता संग्राम में शामिल रहे और नहीं उनकी प्रतिबद्धता संविधान और उसमें उल्लिखित समाजवाद, पंथनिरपेक्षता पर हैं। लोकतंत्र के विरूद्ध उसका आचरण जगजाहिर है जबकि समाजवादी लोकतंत्र और सबके हक और सम्मान के लिए संघर्षरत रहे हैं। भाजपा ने समाज के दलितों, पिछड़ों के हक छीनकर उन्हें प्रताड़ित करने का काम किया है। भाजपा-सपा की नीति और नीयत में यही फर्क जगजाहिर है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भ्रष्टाचार, लूट और षडयंत्र भाजपा की रणनीति और कार्यनीति के प्रमुख अंग है। जनता की गाढ़ी कमाई को अपने झूठे विज्ञापनों पर फूंकने में भाजपा का आचरण मर्यादाहीन है। समाजवादी सरकार ने विकासकार्यों पर धन खर्च किया था। समाजवादी पार्टी ने एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, के अलावा मेधावी छात्र छात्राओं को लैपटॉप बांटे, गरीब महिलाओं को पेंशन दिया और छात्राओं को कन्या विद्याधन बांटा। जबकि भाजपा अपने पूरे कार्यकाल में एक भी अपनी योजना नहीं ला सकी। न लैपटाप दिया और नहीं गरीबों को आवास दिए। भाजपा-सपा के कामों में यही अंतर है।
यह भी पढ़ें:-कानपुर: चोरी का आरोपी थाने से फरार, पीड़िता ने पुलिस पर लगाया ये गंभीर आरोप
