रहमान द ग्रेट : फर्श से अर्श पर पहुंचे संगीत के जादूगर की कहानी…

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Edited By Amrit Vichar
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संगीतकार ए आर रहमान का जन्म आज ही के दिन यानि 6 जनवरी को 1966 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वह ऐसे संगीतकार हैं, जिनके संगीत की आवाज कानों में पहुंचते ही जेहन पर नशा सा छा जाता है। कहा जाता है कि रहमान का संगीत पहले समझ में …

संगीतकार ए आर रहमान का जन्म आज ही के दिन यानि 6 जनवरी को 1966 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। वह ऐसे संगीतकार हैं, जिनके संगीत की आवाज कानों में पहुंचते ही जेहन पर नशा सा छा जाता है। कहा जाता है कि रहमान का संगीत पहले समझ में नहीं आता, लेकिन जैसे-जैसे हम इसे सुनते जाते हैं, उसके बाद कुछ और अच्छा नहीं लगता।

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यह ही वजह है कि देश ही नहीं विदेशों में भी उनके करोड़ों कद्रदान हैं। वह एक ऐसा व्यक्तित्व हैं, जो शब्दों से कम और अपने संगीत से अधिक बोलते हैं। दुनिया भर में अपनी प्रसिद्धि फैलाने के बाद भी अक्सर वह मीडिया से दूरी बनाए रहते हैं। रहमान को संगीत अपने पिता से विरासत में मिला था। उनके पिता आरके शेखर मलयाली फिल्मों में संगीत देते थे।

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सफलता के शिखर पर बैठे एआर रहमान के बचपन की कहानी ऐसी है, जिसे सुनकर किसी की भी आंखें नम हो उठेंगी। वह जब केवल नौ साल के थे, उनके पिता का देहांत हो गया। अब परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया था। उन्होंने किसी तरह संगीत के वाद्य यंत्र किराए पर देकर गुजर-बसर करना शुरू किया। हालात इतने बिगड़े कि उनके परिवार को इस्लाम अपनाना पड़ा। 70 के दशक में उन्होंने इस्लाम स्वीकार कर लिया।

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एक बार उनकी बहन बहुत बीमार हुई जब दवा असर नहीं किया तो उनकी मां ऊपरवाले का सहारा लिया। उनकी मां की मुलाकात एक फकीर से हुई। फकीर ने ऐसा चमत्कार किया कि उनकी बहन ठीक हो गईं। जिसके बाद रहमान उस फकीर को मानने लगे। एक किताब में उन्होंने रहमान नाम देखा तो उन्होंने उसे रखने की सोची। उनकी मां नाम में अल्लाह रखा भी चाहती थी। जिसके बाद अल्लाह रखा रहमान यानि ए आर रहमान बने।

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एक इंटरव्यू के दौरान ए आर रहमान ने कहा था कि वह 25 साल की उम्र तक खुदखुशी के बारे में सोचा करते थे। लेकिन, संगीत के शौक ने रहमान को इन हालातों से उबारा ही नही बल्कि एक अलग ही पहचान दी। साल 1991 में रहमान ने फिल्मों के लिए संगीत बनाना शुरू किया। फिल्मकार मणि रत्नम ने अपनी फिल्म ‘रोजा’ में उन्हें संगीत देने का मौका दिया। फिल्म म्यूजिकल हिट रही और पहली फिल्म में ही रहमान ने फिल्मफेअर जीता।

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अब तक जीत चुके है कई अवॉर्ड
रहमान को अब तक छह राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड, दो ऑस्कर अवॉर्ड, दो ग्रैमी अवॉर्ड, एक गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड, 15 फिल्मफेयर अवॉर्ड और दक्षिण भारतीय फिल्मों के लिए 17 साउथ फिल्म फेयर अवॉर्ड मिल चुके हैं। आपको बता कि ए आर रहमान का चेन्नई में अपना खुद का म्यूजिक स्टूडियो भी है।

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