मुरादाबाद : 2007 के बाद जीत के नजदीक नहीं पहुंचे बसपा उम्मीदवार
मोहित गौर/मुरादाबाद,अमृत विचार। 2007 के चुनाव के बाद बसपा के उम्मीदवार जीत के नजदीक तक नहीं पहुंच पाये। मुरादाबाद शहर तो छोड़िए, देहात विधानसभा सीट पर किला फतह करना अभी तक सपना बना हुआ है। साल 2007 के चुनाव में कांठ, ठाकुरद्वारा और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में हाथी ने अपना जोर दिखाया। कांठ में दो, …
मोहित गौर/मुरादाबाद,अमृत विचार। 2007 के चुनाव के बाद बसपा के उम्मीदवार जीत के नजदीक तक नहीं पहुंच पाये। मुरादाबाद शहर तो छोड़िए, देहात विधानसभा सीट पर किला फतह करना अभी तक सपना बना हुआ है। साल 2007 के चुनाव में कांठ, ठाकुरद्वारा और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में हाथी ने अपना जोर दिखाया। कांठ में दो, ठाकुरद्वारा में एक और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से दो बार बसपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की।
बसपा कभी पश्चिमी यूपी में सबसे अधिक मजबूत थी। वर्ष 2007 का चुनाव परिणाम खुद इसका गवाह है। वर्ष 2012 के चुनाव में पार्टी का यहां खाता तक नहीं खुल पाया। इसलिए अभी चुनाव में पार्टी फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। उम्मीदवारों के ऐलान में विलंब को इस नजरिये से देखा जा रहा है।
जिले की छह विधानसभा सीटों पर हुए पिछले चार चुनाव की बात करें तो मुरादाबाद सदर व देहात सीट पर हाथी की चाल पूरी तरह से बेजान नजर आई। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र की विधानसभा सीट पर कुछ जोर जरूर रहा। सदर सीट पर वर्ष 2007 में फिजाउल्ला खां को प्रत्याशी बनाया। इस चुनाव में आई बसपा की आंधी में भी यह सीट हाथ से फिसल गई। वर्ष 2012 में बसपा ने चार बार के विधायक रह चुके संदीप अग्रवाल पर दांव खेला। लेकिन, वह भी सूखा खत्म नहीं कर सके। हालांकि इससे पूर्व संदीप अग्रवाल ने कोई विधानसभा चुनाव नहीं हारा था। संदीप अग्रवाल को भी बसपा रास नहीं आई थी।
वर्ष 2017 में बसपा प्रत्याशी अतीक सैफी अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। देहात क्षेत्र से बबलू सैनी, कुंदरकी हाजी अकबर, ठाकुरद्वारा से विजय यादव, कांठ से हाजी नासिर कुरैशी और बिलारी से अनिल चौधरी को मुंह की खानी पड़ी थी।
कांठ से तीसरे स्थान पर सिमटे हाजी नासिर अब समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। नासिर ने जीत के लिए फिल्मी किरदारों तक का सहारा लिया था। तब उमेन पटेल और आफताब शिवदासनी को देखने तो भीड़ आई, मगर लोगों ने नासिर को जीत का स्वाद नहीं चखने दिया।
जल्द तय हाे जाएंगे सभी सीटों के प्रत्याशी
बसपा ने छह विधानसभा क्षेत्र के जिले में दो क्षेत्रों के प्रभारी घोषित कर दिए हैं। बिलारी से अनिल चौधरी और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से हाजी चांद बाबू मलिक की घोषणा कर दी गई है। हालांकि, अभी भी कुंदरकी में 12 दावेदार अपनी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। वहीं ठाकुरद्वारा सीट पर आठ ने दावा किया है। जिसमें दो के बीच लड़ाई है। कांठ में प्रत्याशी की घोषणा होना बाकी है। मुरादाबाद देहात सीट पर भी छह दावेदार अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। जबकि सदर विधानसभा सीट पर आठ दावेदार हैं। हाईकमान से बात कर जल्द सभी सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाएगी।
2007 के चुनाव में कांठ, ठाकुरद्वारा और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में हाथी ने दिखाया जोर, कांठ व कुंदरकी में दो-दो बार जीते बसपा के प्रत्याशी
काफी विचार-विमर्श के बाद प्रत्याशियों की घोषणा की जा रही है। बिलारी और कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी घोषित कर दिए गए हैं। टिकट के लिए दावेदारों में कड़ी टक्कर है। – निर्मल सागर, मुख्य सेक्टर प्रभारी मुरादाबाद मंडल व पूर्व जिलाध्यक्ष
