Birthday Special: अभिनेता नहीं क्रिकेटर बनना चाहते थे इरफान खान, जानिए एक्टर से जुड़ी खास बातें
हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक अपनी दमदार एक्टिंग से दिल जीतने वाले इरफान खान का जन्म आज ही के दिन यानी 7 जनवरी को 1967 को जयपुर में हुआ था। इरफान आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी फिल्मों के जरिए वह हमेशा अपने फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे। तो आइए जानते …
हॉलीवुड से लेकर बॉलीवुड तक अपनी दमदार एक्टिंग से दिल जीतने वाले इरफान खान का जन्म आज ही के दिन यानी 7 जनवरी को 1967 को जयपुर में हुआ था। इरफान आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपनी फिल्मों के जरिए वह हमेशा अपने फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे। तो आइए जानते है उनकी लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातें…

एक्टर नहीं क्रिकेटर बनना चाहते थे इरफान खान
गरीबी में बिता था बचपन इरफान खान एक नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से आते थे, जिनका ग्लैमर वर्ल्ड से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। वो एक मीडिल क्लास परिवार से जरूर थे, लेकिन उनके सपनों की उड़ान काफी ऊंची थी। इरफान कभी एक्टर नहीं बनना चाहते थे। इरफान खान को तो क्रिकेटर बन कर दुनिया पर राज करना था। पर वो कहते हैं न कि जिंदगी में सबको सब कुछ नहीं मिलता था। पैसों की कमी की वजह से इरफान खान क्रिकेट को अपना करियर नहीं बना सके।

इन फिल्मों में किया काम
पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित इरफ़ान खान ने साल 1988 में ‘सलाम बॉम्बे’ से अपना फ़िल्मी करियर शुरू करने वाले इरफ़ान खान ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री और हॉलीवुड में एक अलग मुकाम हासिल किया। इरफ़ान खान ने फ़िल्म ‘अंग्रेजी मीडियम’, ‘लाइफ ऑफ़ पाई’, ‘नेमसेक’, ‘पान सिंह तोमर’, ‘मक़बूल’, ‘द लंचबॉक्स’, ‘स्लम डॉग मिलियनेयर’, ‘इन्फर्नो’, ‘हासिल’, ‘पीकू’, ‘हिंदी मीडिम’, ‘तलवार’ उनकी कुछ यादगार फ़िल्में शामिल हैं।

इरफान खान को मिले ये अवॉर्ड
इरफान खान को राष्ट्रीय स्तर के कुल 9 अवॉर्ड मिले हैं। इनमें से दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड, 4 फिल्मफेयर अवॉर्ड और 3 आइफा अवॉर्ड शामिल हैं। इसके अलावा 7 अंतरराष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड भी हैं। जी सिने, स्टारडस्ट अवॉर्ड जैसे 11 पुरस्कार भी मिले हैं। जबकि, भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से भी इरफान को नवाजा है।

आंखों से करते थे एक्टिंग
एक्टिंग में इरफान खान अपनी आंखों से लोगों पर जादू चलाया करते थे। बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी एक्टिंग का जादू चलाने वाले इस एक्टर को उसकी एक्टिंग और नेचर के अलावा उसकी सम्मोहित कर देने वाली आंखों के लिए भी याद किया जाएगा। 1998 में फिल्म सलाम बॉम्बे से करियर शुरू करने वाले इस एक्टर के बारे में किसी ने नहीं सोचा था कि वो हॉलीवुड तक को अपनी एक्टिंग का दीवाना बना देगा।

काफी स्ट्रगल के बाद मिली कामयाबी
थिएटर जॉइन करने के बाद उन्हें फिल्मी दुनिया में आने के लिये काफी स्ट्रगल करना पड़ा। पर इरफान खान ने भी हार नहीं मानी। वो लगातार मिल रही असफलताओं से सीख कर आगे बढ़ते रहे। कुछ वक्त बाद इरफान खान को मीरा नायर की ‘सलाम बॉम्बे’ में काम करने का मौका मिला। ये रोल छोटा था, लेकिन इरफान के लिये काफी बड़ी बात थी। बॉलीवुड में जगह बनाने से पहले इरफान खान ने टेलीविजन पर भी काम किया।

