रायबरेली: किसानों के सामने आया खाद का संकट, महंगे दामों में निजी दुकानों से खरीद रहे खाद
रायबरेली। आदर्श नगर पंचायत परसदेपुर स्थिति साधन सहकारी समिति संसारी में एक साल से खाद की बोरी किसानों को देखने को नहीं मिली है। किसान एक साल से दुकानों से महंगी दाम में खाद खरीदकर खेती कर रहे हैं। ऐसे में किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर लागत भी नहीं निकल रही है। परसदेपुर …
रायबरेली। आदर्श नगर पंचायत परसदेपुर स्थिति साधन सहकारी समिति संसारी में एक साल से खाद की बोरी किसानों को देखने को नहीं मिली है। किसान एक साल से दुकानों से महंगी दाम में खाद खरीदकर खेती कर रहे हैं। ऐसे में किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर लागत भी नहीं निकल रही है।
परसदेपुर स्थित साधन सहकारी समिति संसारी में लगभग 1300 किसान पंजीकृत है और इस समिति से कई ग्रामसभा से सदस्य बनाए गए है जिन्हे ऋण के साथ खाद की सुविधा मिलती थी लेकिन एक साल से समिति का संचालन बंद होने से किसानों की जीविका पर सीधा असर हो रहा है।
लगभग दस हजार आबादी की जीविका पर संकट नजर आ रहा है। कोरोना काल में खेती ही किसानों के लिए वरदान साबित हुई थी लेकिन सहकारी समिति का ताला नहीं खुला। किसान बाबूलाल मौर्य ने बताया कि एक एकड़ में सब्जी का काम करके परिवार का गुजारा करते हैं लेकिन समिति में खाद न मिलने से अब तो उपज आधी हो रही है।
प्रकाश मौर्य ने बताया कि यूरिया नही आएगी तो गेहूं में छिड़काव कैसे होगा। रामभवन मौर्य ने बताया कि दुकानों से डीएपी लेकर डालता हूं लेकिन पैदावार उतनी नहीं हो पाती। किसानों ने बताया कि परसदेपुर में कुछ दुकानों पर दो पैकेट जिंक के साथ 400 रुपया में यूरिया बेंची जा रही है और जो भी किसान कम दाम की बात करता है तो उसे यूरिया न होने की बात कहके टरका दिया जाता है।
आदर्श नगर पंचायत परसदेपुर के साथ ही क्षेत्रीय किसानों ने डीएम वैभव श्रीवास्तव से साधन सहकारी समिति में यूरिया भेजने के साथ ही परसदेपुर में यूरिया की कालाबजारी को रोकने की व्यवस्था किया जाने की मांग की है।
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