लखनऊ: ठगों ने प्रापर्टी के नाम पर झांसा देकर लगाया 72 लाख का चूना
लखनऊ। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी लखनऊ में ठगी के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को शहर में ठगों ने दो अलग-अलग मामलों में प्रापर्टी के नाम पर कुल 72 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में गोमती नगर थाना व हजरतगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। …
लखनऊ। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी लखनऊ में ठगी के मामले दिनों-दिन बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को शहर में ठगों ने दो अलग-अलग मामलों में प्रापर्टी के नाम पर कुल 72 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस संबंध में गोमती नगर थाना व हजरतगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
मकान बेचने के नाम पर फर्जी कागजात देकर ऐंठे 50 लाख
ऐशबाग नवाबगंज निवासी सुधीर चंद्र मिश्रा मकान खरीदने के लिए पिछले कई दिनों से लोगों से संपर्क कर रहे थे। इसी दौरान छोटा भरवारा निवासी उमरावती कुशवाहा नामक महिला ने उसके गोमतीनगर विनम्रखंड में बने मकान को बेचने के लिए सुधीर से संपर्क किया। मौके पर उमरावती का पति उमेश कुशवाहा व बेटा-बेटी भी मौजूद थीं।
50 लाख रुपये में मकान का सौदा तय हुआ। उमरावती ने सुधीर को मकान के कागजात सुपुर्द कर अपने अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करा लिये। खाते में रकम जमा होने के बाद आरोपियों ने रजिस्ट्री कर दी। पर जब वे मकान में शिफ्ट करने पहुंचे तो पड़ोसियों ने बताया कि मकान उमरावती का नहीं है। इसके बाद सुधीर ने वजीरगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराया।
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होम लोन के नाम पर फाइनांस कंपनी से 22 लाख ठगे
हजरतगंज हलवासिया कामर्स हाउस स्त मैग्मा फाइनेंस के सहायक प्रबंधक सेल्स अमरेश कुमार ने बताया कि बंथरा थानांतर्गत सिकंदरपुर निवासी एजाज अहमद और सीमा बेगम ने इंडिया इफोलाइन होम फाइनेंस से 12 लाख का लोन पास कराया था।
रीपेमेंट के लिए बंथरा सिंकदरपुर स्थित मकान के कागज मैग्मा फाइनेंस में प्रस्तुत किए थे। जांच के बाद 12 लाख और ब्याज के दस लाख रुपये मिला कर कुल 22 लाख रुपये का लोन 30 जनवरी 2020 को स्वीकृत किया गया था। लोन पास होने के बाद इण्डियो इंफोलाइन में बंधक दस्तावेज लेकर मैग्मा फाइनेंस को दिए जाने थे, लेकिन एजाज और सीमा ने ऐसा नहीं किया। फोन करने पर आरोपी टाल-मटोल करते रहे।
25 मार्च 2020 को कोविड के कारण लॉकडाउन लग गया, ऐसे में आरोपी दिल्ली में फंसे होने की बात बताकर मामले को लगातार टरकाते रहे। बाद में पता चला कि आरोपी ने इंडिया इंफोलाइन फाइनेंस से 9 मार्च 2020 को ही नो ड्यूज एनओसी प्राप्त कर सम्पत्ति बंधनमुक्त करा ली थी। इसके बाद मैग्मा फाइनेंस ने आरोपी को कई नोटिस भेजे, पर जवाब नहीं दिया गया।
जब बंथरा सिकंदरपुर के बताये पते पर दबिश दी गई तो पता चला कि आरोपी अपना मकान अंजली गुप्ता नामक महिला को बेचकर फरार हो गये हैं। इसके बाद मैग्ना फाइनांस कंपनी की ओर से आरोपियों के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया।
