पीलीभीत: ओवर हाइट ट्राॅली से गन्ने की फांदियां गिरी, चालक बचा
बिलसंडा, अमृत विचार। कस्बा बमरोली में गन्ने से भरी ओवरलोड एवं ओवर हाइट ट्राली से गन्ने की फांदी ट्रैक्टर के ऊपर पलट गईं। जिससे चालक बाल-बाल बच गया। हालांकि इस हादसे में वह घायल हो गया। उधर लोगों का कहना है कि अगर भीड़ भाड़ वाले इलाके में यह हादसा होता तो निश्चित रूप से …
बिलसंडा, अमृत विचार। कस्बा बमरोली में गन्ने से भरी ओवरलोड एवं ओवर हाइट ट्राली से गन्ने की फांदी ट्रैक्टर के ऊपर पलट गईं। जिससे चालक बाल-बाल बच गया। हालांकि इस हादसे में वह घायल हो गया। उधर लोगों का कहना है कि अगर भीड़ भाड़ वाले इलाके में यह हादसा होता तो निश्चित रूप से अन्य लोग भी जद में आ जाते।
पिछले महीने पुलिस ने सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया लेकिन उस पर कितना अमल करिया इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क पर मौत बनकर दौड़ रही ओवरलोड गन्ने से भरी ट्राली पर अंकुश लगा पाने में पुलिस पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। जबकि इसके विपरीत पुलिस हर रोज किसी न किसी तिराहे पर बैठकर दोपहिया वाहनों की चेकिंग करने में जुट जाती है। लेकिन पुलिस के सामने से गुजरने वाले ओवरलोड वाहन दिखाई भी नहीं देते।
बता दें कि गांव मकसूदापुर स्थित बजाज शुगर मिल का पेराई सत्र शुरू होने के साथ ही गांवों में स्थित क्रय केंद्रों से गन्ने की ढुलाई में लगी ट्रैक्टर ट्रालियां हर रोज ओवर हाइट एवं ओवरलोड गन्ना भर कर सड़क पर दौड़ रही हैं। जिसकी वजह से हर वक्त दुर्घटनाओं की संभावना भी बनी रहती है। बावजूद इसके पुलिस ऐसे वाहनों को रोकने का लेश मात्र भी प्रयास नहीं करती है। जबकि इसके विपरीत दोपहिया वाहनों की चेकिंग के नाम पर बाइक सवारों को पुलिस हर रोज परेशान करती है। इतना ही नहीं बाइक सवारों पर चालान के नाम पर धन वसूली करने के भी आरोप लगते रहते हैं।
लोगों का कहना है कि पुलिस द्वारा कार्यशैली का दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है। कमोबेश इसी तरह ओवर हाइट भूसे से भरे ट्रक भी सड़क पर धड़ल्ले से फर्राटे भर रहे हैं पुलिस उन पर भी अंकुश नहीं लगा रही है आखिर ऐसी क्या वजह है जो नियम कानूनों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं ।उन पर किसी भी तरीके का शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। आखिर इस कार्यप्रणाली के पीछे कोई तो ठोस वजह होगी जिसकी वजह से पुलिस को ओवर हाइट एवं ओवरलोड वाहन दिखाई नहीं देते।
गन्ने की ओवरलोडिंग और ओवरहाइट न करने के निर्देश दिए गए हैं। इसकी चेकिंग भी कराई जाती है। इसके समाधान के लिए कदम उठाए जाएंगे। – उदयवीर सिंह, एसओ
