पीलीभीत: पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर की थी पति की हत्या, पुलिस ने तीनों आरोपियों को भेजा जेल
पीलीभीत, अमृत विचार। प्रेम-प्रसंग में बाधा बनने पर राजीव कॉलोनी निवासी रामकुमार की हत्या उसकी पत्नी ने ही प्रेमी और एक अन्य साथी की मदद से की थी। बहाने से तीनों आरोपी मृतक को अपने साथ ले गए और फिर महुआ गांव में गन्ने के खेत में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी गई। …
पीलीभीत, अमृत विचार। प्रेम-प्रसंग में बाधा बनने पर राजीव कॉलोनी निवासी रामकुमार की हत्या उसकी पत्नी ने ही प्रेमी और एक अन्य साथी की मदद से की थी। बहाने से तीनों आरोपी मृतक को अपने साथ ले गए और फिर महुआ गांव में गन्ने के खेत में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात को आसानी से अंजाम दिया जा सके, इसलिए रामकुमार को पहले अधिक शराब पिलाकर नशे में कर दिया था। पुलिस ने खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
गजरौला थाना क्षेत्र के महुआ गांव के गन्ने के खेत में अज्ञात शव क्षत विक्षत हालत में पड़ा मिला था। नौ जनवरी की सुबह ग्रामीण खेत पर गए तो शव देख पुलिस को सूचना दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर मारने की पुष्टि हुई। काफी प्रयास के बाद शव की शिनाख्त की गई। शव राजीव कॉलोनी के निवासी रामकुमार का निकला।
भाई महेंद्र ने शव की पहचान की।जिसके बाद पत्नी बिटरानी, गांव के ही हरप्रसाद हजारीलाल और वीरेंद्र कुमार के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी। हत्या की वजह पत्नी का प्रेम प्रसंग निकला था। जिसमें पति रामकुमार बाधा बन रहा था। पुलिस तीनों आरोपियों की धरपकड़ को जुट गई थी।
एक दिन पूर्व तीनों आरोपी फरार होने की फिराक में थे, कि सूचना मिलने पर पुलिस ने धर दबोचा। उनसे सख्ती से पूछताछ की गई तो खुलासे तक पहुंचने में देर नहीं लगी। बुधवार को एएसपी डॉ.पवित्र मोहन त्रिपाठी ने हत्याकांड का खुलासा किया।उसके बाद गजरौला पुलिस ने तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस ने गला दबाने में इस्तेमाल मफलर भी बरामद कर कब्जे में लिया है।
पत्नी ने पैर पकड़े और प्रेमी ने दबाया गला
शव भले ही नौ जनवरी की सुबह खेत में मिला हो, लेकिन पुलिस के खुलासे की मानें तो सात जनवरी को ही रामकुमार को मौत की नींद सुला दिया गया था। आरोपी हरप्रसाद का मृतक के घर दोस्ती के चलते आना जाना था। इसी बीच आरोपी का मृतक की पत्नी बिटरानी से प्रेम प्रसंग हो गया। इसकी जानकारी पति को भी लग गई थी।
जिसके बाद से वह बंदिश लगाने लगा था। खुद के प्रेम प्रसंग में बाधा बनने पर पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की बात ठान ली थी। इसमें तीसरे आरोपी वीरेंद्र को भी शामिल कर लिया। पुलिस के मुताबिक सात जनवरी की दोपहर करीब तीन बजे बहाने से रामकुमार को साथ ले गए।
पहले उसे शराब पिलाकर अधिक नशे में कर दिया गया।फिर महुआ गांव के पास खेत में ले जाकर धक्का देकर गिराया। पत्नी बिटरानी ने पैर, वीरेंद्र ने हाथ पकड़ लिए। उसके बाद हरप्रसाद ने गला दबाकर जान ले ली। बचाव के लिए गुमशुदगी दर्ज कराने को सुनगढ़ी थाने में लापता होने की तहरीर दे दी थी।
पत्नी के गायब होने पर परिवार का गहराया शक
पति की हत्या करने के बाद तीनों आरोपी फरार होने में लगे थे। परिवार के अन्य सदस्यों को पहले से ही अनबन का तो पता ही था। मगर जब आठ जनवरी को आरोपी बिटरानी मकान से चली गई।आरोप है कि सामान भी ले गई थी। इसके बाद ही उनका शक गहरा गया था।जिसका जिक्र दर्ज की गई एफआईआर में भी किया गया।
‘शव मिलने के बाद से पुलिस छानबीन में लगी हुई थी। शिनाख्त के बाद परिवार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज की गई। हत्या में पत्नी समेत तीन लोग शामिल थे। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है। वारदात की वजह अवैध संबंध निकले हैं।’
– डॉ.पवित्र मोहन त्रिपाठी, एएसपी
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