मुरादाबाद : मकर संक्रांति पर जरूर करें इन चीजों का दान, सुख-समृद्धि और धन में होगी वृद्धि

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मुरादाबाद, अमृत विचार। मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में रात करीब 8:30 बजे प्रवेश होगा। इसका पुण्यकाल 15 जनवरी को दोपहर 12:49 तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. केदार मुरारी के अनुसार इस बार मकर संक्रांति पर 29 साल बाद सूर्य-शनि की युति होने जा रही …

मुरादाबाद, अमृत विचार। मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को मनाया जाएगा। 14 जनवरी को सूर्य का मकर राशि में रात करीब 8:30 बजे प्रवेश होगा। इसका पुण्यकाल 15 जनवरी को दोपहर 12:49 तक रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. केदार मुरारी के अनुसार इस बार मकर संक्रांति पर 29 साल बाद सूर्य-शनि की युति होने जा रही है। इसके अलावा चार महासंयोग के कारण इस बार की मकर संक्रांति बेहद ही लाभकारी सिद्ध होगी।

खरमास होगा खत्म, शुरू होंगे शुभ कार्य 
पं. केदार मुरारी बताते हैं कि सूर्य जब धनु राशि में यात्रा करते हैं तो उस समय खरमास लग जाता है। ऐसे में इस दौरान शुभ कार्य करना वर्जित हो जाता है। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही सभी तरह के मांगलिक कार्यों की शुरुआत दोबारा होने लगेगी। खरमास के खत्म होते ही शादी, मुंडन संस्कार और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ होने लगते हैं।

गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व 
मकर संक्रांति पर सुबह-सुबह गंगा स्नान करने और गरीबों व जरूरतमंदों तिल, खिचड़ी और कपड़े का दान करना चाहिए। मान्यता है कि मकर संक्रांति पर तिल का दान करने से शनि दोष से मुक्ति मिल जाती है और स्नान के उपरांत सूर्य को जल अर्पित करने से सूर्यदेव की कृपा प्राप्त होती है।

शनि देव ने तिल से किया था पिता का स्वागत
पौराणिक कथा के अनुसार जब सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के घर पर पधारे तो उन्होंने उनका स्वागत काले तिल से किया था। तिल से स्वागत करने से सूर्य देव अत्यंत प्रसन्न हुए और उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान किया। तिल सेहत के लिए बहुत ही उपयोगी माना गया है। मान्यता है कि इसीलिए इस दिन काले तिल का दान शुभ माना जाता है।

महिलाओं ने घरों में शुरू कीं तैयारियां
पूनम रस्तोगी ने बताया कि मकर संक्रांति पर सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना मकर संक्रांति कहलाता है। इस दिन का हमारे धर्म में बड़ा महत्व है। इस दिन दान करने से अक्षुण्य पुण्य की प्राप्ति होती है।

संतोष गुप्ता ने बताया कि संक्रांति हिंदू धर्म का बड़ा पर्व है। इस दिन घर के सदस्य स्नान आदि से निवृत्त होकर खिचड़ी, गजक, लड्डू आदि का दान करते हैं। खिचड़ी का सेवन करते हैं। घर की बहुएं बायना निकालकर सास को भेंट कर आशीर्वाद लेती हैं।

प्राची गुप्ता का कहना है कि उन्होंने मकर संक्रांति को लेकर तैयारियां शुरू कर दी है। इस मौके पर तिल की विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाते हैं। खिचड़ी और तिल का दान कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

मंजू गुप्ता ने बताया कि मकर संक्रांति के त्यौहार पर खिचड़ी, तिल के लड्डू बनाते हैं। यह पर्व नए साल के आने का एहसास दिलाता है। इस बार भी हम जरूरतमंदों को खिचड़ी और मूंगफली का दान करेंगे।

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