लखनऊ: शिक्षण संस्थानों में पिछड़ेगा सत्र, पढ़ाई होगी प्रभावित, जानें…
लखनऊ। कोरोना की तीसरी लहर के चलते इस बार विश्वविद्यालयों में जहां परीक्षाओं की तिथि बढ़ायी जा रही है, वहीं नया सत्र भी पिछड़ जायेगा। लगातार दो साल तक कोरोना संकट के चलते पहले से ही पढ़ाई प्रभावित रही है, अब इस बार भी संभलपाना मुश्किल होगा। बता दें कि लखनऊ में कोविड की दो …
लखनऊ। कोरोना की तीसरी लहर के चलते इस बार विश्वविद्यालयों में जहां परीक्षाओं की तिथि बढ़ायी जा रही है, वहीं नया सत्र भी पिछड़ जायेगा। लगातार दो साल तक कोरोना संकट के चलते पहले से ही पढ़ाई प्रभावित रही है, अब इस बार भी संभलपाना मुश्किल होगा। बता दें कि लखनऊ में कोविड की दो लहरों के चलते जुलाई में शुरू होने वाला सत्र सितम्बर के अंत में शुरू हो पाया था।
लखनऊ के छात्रों को होगी दिक्कत
दाखिले की प्रक्रिया नवम्बर तक चली थी और परीक्षाएं भी लगभग दो महीने पीछे चल रही थीं। अब तीसरी लहर के चलते एक बार फिर परीक्षाएं टालनी पड़ी हैं तो जाहिर है कि जब कोविड का खतरा कम होगा, उसके बाद ही परीक्षाएं दोबारा हो पाएंगी। ऐसे में पूरा सत्र एक बार फिर लगभग दो महीने पीछे चला जाएगा।
शोध कार्य भी होंगे प्रभावित
लखनऊ विश्वविद्यालय, एकेटीयू समेत सभी विश्वविद्यालय व कॉलेज भौतिक रूप से बंद कर दिए गए हैं। इनकी ऑनलाइन कक्षाएं चलाकर रेगुलर पढ़ाई कराना तो फिर भी संभव है लेकिन विश्वविद्यालयों में होने वाले अन्य एकेडमिक कार्यों पर ब्रेक लग गया है। मसलन लखनऊ विश्वविद्यालय में ही सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के कई रिसर्च वर्क चल रहे थे जो अब कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद ही रफ्तार पकड़ेंगे।
भाषा विवि में दीक्षांत का इंतजार बढ़ा
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में 27 दिसम्बर को दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाना था लेकिन उस समय यह किन्हीं कारणों से टाल दिया गया। जनवरी के अंत तक इसके दोबारा होने की उम्मीद थी लेकिन अब विश्वविद्यालय को कोरोना का कहर रुकने का इंतजार करना होगा।
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