अयोध्या: श्रद्धालुओं ने सरयू में लगाई डुबकी, रामलला को लगा खिचड़ी का भोग
अयोध्या। मकर संक्राति पर शनिवार को अयोध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। कोविड प्रोटोकोल का पालन करते हुए श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। स्नान के बाद दान भी दिया। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था का भी खास इंतजाम था। उधर, जन्मभूमि में प्रभु श्रीराम को खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी व तिल के …
अयोध्या। मकर संक्राति पर शनिवार को अयोध्या में हजारों श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। कोविड प्रोटोकोल का पालन करते हुए श्रद्धालु घाटों पर पहुंचे। स्नान के बाद दान भी दिया। इस दौरान सुरक्षा-व्यवस्था का भी खास इंतजाम था। उधर, जन्मभूमि में प्रभु श्रीराम को खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी व तिल के लड्डुओं का भोग लगाया गया।
हिंदुओं के पवित्र पर्वों में मकर संक्राति महत्वपूर्ण पर्व है। इसलिए लोग गंगा के साथ सरयू नदी में भी स्नान करने के लिए भारी संख्या में अयोध्या पहुंचते हैं और अन्नदान भी करते है। ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन राजा भागीरथी ने भगवान शिव को प्रसन्न कर मां गंगा को पृथ्वी पर अवतरित करवाया था। अयोध्या में सरयू के घाटों पर लोग भोर में ही पहुंचना शुरू हो गए थे। स्नान व दान करने के बाद अपने आराध्य प्रभु श्रीराम व बजरंगबली का भी दर्शन-पूजन किया।
अयोध्या संतों का मानना हैं कि सभी भी तीर्थ यात्रा कर लेने के बाद यदि अयोध्या नहीं आते हैं तो सभी तीर्थयात्रा बेकार हैं। इस दौरान प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सरयू घाटों पर जल पुलिस लगाई थी। मठ-मंदिरों में भी धूम रही। कई जगहों पर पूजा पाठ के साथ खिचड़ी का भोज भी कराया गया। राम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला को खिचड़ी, पूड़ी सब्जी और तिल के लड्ड्ओं का भोग लगाया गया। अयोध्या में भी दो दिन मकर संक्रांति मनाई गई।
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