यूपी चुनाव-2022: जेडीयू का बड़ा एलान, यूपी में अकेले लड़ेगी चुनाव, जानें वजह…
लखनऊ: बिहार में सम्राट अशोक को लेकर भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के नेता पहले से ही आमने-सामने आए हुए हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल लगातार ऐसे वक्तव्य दे रहे हैं, जिससे दोनों पार्टियों के बीच दूरी साफ नजर आ रही है। रिश्तों में आई इस …
लखनऊ: बिहार में सम्राट अशोक को लेकर भारतीय जनता पार्टी और जेडीयू के नेता पहले से ही आमने-सामने आए हुए हैं। जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय जायसवाल लगातार ऐसे वक्तव्य दे रहे हैं, जिससे दोनों पार्टियों के बीच दूरी साफ नजर आ रही है।
रिश्तों में आई इस खटास के बीच अब जेडीयू ने यूपी में अकेले चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है। पार्टी के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने इस बात की पुष्टि की है।
यूपी चुनाव पर 18 जनवरी को जेडीयू लेगी फैसला
त्यागी के मुताबिक 18 जनवरी को लखनऊ में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद पार्टी के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किए जाने की संभावना है। बैठक में केसी त्यागी के अलावा जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष अनूप पटेल मौजूद रहेंगे। हालांकि सूत्रों के हिसाब से देखा जाए तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
जेडीयू ने पहले ऐलान किया था कि वो यूपी का चुनाव बीजेपी के साथ गठबंधन में लड़ना चाहती है। हालांकि पिछले साल जुलाई में हुई पार्टी कार्यकारिणी की बैठक के बाद ललन सिंह ने ऐलान किया था कि बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं होने की स्थिति में भी पार्टी अकेले ही चुनाव मैदान में उतरेगी।
बीजेपी ने जेडीयू के साथ गठबंधन में नहीं दिखाई रुचि
भाजपा से बातचीत का जिम्मा पार्टी ने केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह को सौंपा था, लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक़ भाजपा की ओर से कोई उत्साहवर्धक पहल नहीं की गई। यहां तक कि दोनों दलों के बीच कोई औपचारिक बातचीत तक नहीं हो पाई। ऐसे में बीजेपी से भाव मिलता न देखकर अब जेडीयू ने अकेले ही चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। पार्टी कितने सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी इसका फैसला तो 18 जनवरी की बैठक में ही हो सकेगा, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जेडीयू करीब 50 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।
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