बरेली: कोरोना काल में टूटा बच्चों की ओपीडी का रिकॉर्ड
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक घातक मानी जा रही थी लेकिन वर्तमान में संक्रमण तो नहीं लेकिन अन्य बीमारियां नौनिहालों को अपना शिकार बना रही हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में संचालित बच्चों की ओपीडी का रिकॉर्ड टूट गया। सोमवार सुबह से दोपहर दो बजे तक चली ओपीडी में …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए अधिक घातक मानी जा रही थी लेकिन वर्तमान में संक्रमण तो नहीं लेकिन अन्य बीमारियां नौनिहालों को अपना शिकार बना रही हैं। सोमवार को जिला अस्पताल में संचालित बच्चों की ओपीडी का रिकॉर्ड टूट गया। सोमवार सुबह से दोपहर दो बजे तक चली ओपीडी में कुल 120 बच्चों को परामर्श दिया गया जो कि अन्य दिनों की तुलना में सबसे अधिक रहा।
बच्चों की ओपीडी कर रहे डॉ. वैभव शुक्ला ने बताया कि अन्य दिनों की तुलना में सोमवार को सबसे अधिक ओपीडी में मरीज आए। 60 बच्चों को बुखार, उल्टी और दस्त की समस्या यानि बच्चे कोल्ड डायरिया से ग्रसित मिले हैं। हालांकि मौसम में ठंडक बढ़ने के बाद कोल्ड डायरिया का प्रकोप बढ़ जाता है। बड़ों की तुलना में बच्चे इसका शिकार अधिक होते हैं।
वार्ड में भर्ती पांच बच्चे डायरिया से ग्रसित
बीते दिनों की बात करें तो जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड एक से दो बच्चे ही भर्ती थे लेकिन तीन दिन से जारी शीत लहर के प्रकोप के चलते बच्चे कोल्ड डायरिया का शिकार हो रहे हैं। सोमवार को बच्चा वार्ड में कुल सात बच्चे भर्ती थे जिनमें पांच बच्चे कोल्ड डायरिया से ग्रसित थे।
वर्जन–
मौसम में ठंडक बढ़ने पर कोल्ड डायरिया का खतरा बढ़ता है। बड़ों की तुलना में बच्चे इसकी चपेट में अधिक आते हैं। हालांकि अस्पताल में इलाज संबंधी समस्त संसाधन पर्याप्त हैं। –डॉ. सुबोध शर्मा, अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
