यूपी चुनाव-2022: सत्ता हासिल करने की चाह, हर बार नए नारों से तलाश रहे राह…
लखनऊ। लोकसभा और विधान सभा चुनाव आते ही प्रदेश में सभी राजनैतिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए सारे हथकंडे अपनाने शुरू कर देते हैं। इसी बीच चुनाव जीतने के लिए सभी पार्टी नए-नए नारों के साथ चुनाव मैदान में हैं। सत्ता हासिल करने के लिए फायदेमंद होते हैं नारे चुनाव प्रचार के दौरान लगाए …
लखनऊ। लोकसभा और विधान सभा चुनाव आते ही प्रदेश में सभी राजनैतिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए सारे हथकंडे अपनाने शुरू कर देते हैं। इसी बीच चुनाव जीतने के लिए सभी पार्टी नए-नए नारों के साथ चुनाव मैदान में हैं।
सत्ता हासिल करने के लिए फायदेमंद होते हैं नारे
चुनाव प्रचार के दौरान लगाए जाने वाले नारे काफी अहमियत होते हैं। कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाने के साथ ही मतदाताओं को लुभाने का काम भी करते हैं। यह स्लोगन राजनीतिक दलों की सोच एवं विचारधारों को इंगित करते हैं, वहीं माहौल बनाने में भी मददगार साबित होते हैं। चूंकि इस बार चुनाव में कोविड-19 प्रोट्रोकॉल के चलते रैली करने पर मनाही है और जनसपर्क के कार्यक्रम को सीमित किया है। ऐसे में नारों और स्लोगन को लेकर सभी पार्टियां पूरी तरह से अलर्ट है। सोशल मीडिया पर ये नारे व स्लोगन धूम मचाए हुए हैं और राजनीतिक दलों के लिए माहौल बनाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल सत्ता किसे मिलेगी ये भविष्य के गर्भ में है।
भाजपा का नारा
- सोच ईमानदार, काम दमदार, फिर एक बार भाजपा सरकार।
- सौ में साठ हमारा है, चालीस में बंटवारा है, उसमें भी हमारा है।
सपा का नारा
- -यूपी का ये जनादेश, आ रहे हैं अखिलेश, बाइस में बाइसिकल।
- -नई हवा है, नई सपा है, बड़ों का हाथ, युवा का साथ।
- -जनता सपा के साथ है, बाइस में बदलाव है।
- -पिछड़ों दलितों का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा।
- -युवा बेरोजगारों का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा।
बसपा का नारा
- -भाईचारा बढ़ाना है, बसपा को लाना है।
- -सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।
- कांग्रेस का नारा
अतीत में इन नारों ने राजनीतिक दलों को पार लगाया
- खरो रुपयो चांदी को, राज महात्मा गांधी को (1952 )
- देश की जनता भूखी है, यह आजादी झूठी है।
- जली झोपड़ी भागे बैल, यह देखो दीपक का खेल। (1960)
- इस दीपक में तेल नहीं, सरकार बनाना खेल नहीं।
- जमीन गई चकबंदी में, मकान गया हदबंदी में। (1977)
- द्वार खड़ी औरत चिल्लाए, मेरा मरद गया नसबंदी में।
- आकाश से नेहरू करें पुकार, मत कर बेटी पर अत्याचार।
- इंदिरा जी की बात पर, मुहर लगेगी हाथ पर। (1980)
- जब तक सूरज चांद रहेगा, इंदिरा तेरा नाम रहेगा। (1984)
- उठे करोड़ों हाथ हैं, राजीव जी के साथ हैं।
- राजीव तेरा ये बलिदान, याद करेगा हिंदुस्तान। (1991)
- मिले मुलायम कांशीराम, हवा हो गए जय श्री राम।(1993)
- सबको देखा बारी-बारी, अबकी बार अटल बिहारी। (1996)
- महंगाई को रोक न पाई, यह सरकार निकम्मी है,जो सरकार निकम्मी है, वह सरकार बदलनी है।
- चढ़ गुंडन की छाती पर मुहर लगेगी हाथी पर।
- कांग्रेस का हाथ, आम आदमी के साथ। (2003)
- कट्टर सोच नहीं युवा जोश। (2014)
- अबकी बार मोदी सरकार।
- अच्छे दिन आने वाले हैं,
- सबका साथ,सबका विकास,
- हर हर मोदी, घर घर मोदी।
- मोदी है तो मुमकिन है, अबकी बार फिर मोदी सरकार। (2019)
- मोदी हटाओ, देश बचाओ।
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