यूपी चुनाव-2022: पश्चिम में सपा-बसपा की मुसीबत बढ़ाएगी भीम आर्मी और ओवैसी…

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के विकल्प के तौर सपा-रालोद ने प्रत्याशी उतारे हैं। गठबंधन की कोशिश है कि भाजपा विरोधी मतों का विभाजन चुनाव के दौरान न होने पाए। वहीं, बसपा ने भी 55 सीटों पर 19 मुस्लिम प्रत्याशियों को उतार कर इन सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाना चाहती है। अब भीम …

लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा के विकल्प के तौर सपा-रालोद ने प्रत्याशी उतारे हैं। गठबंधन की कोशिश है कि भाजपा विरोधी मतों का विभाजन चुनाव के दौरान न होने पाए। वहीं, बसपा ने भी 55 सीटों पर 19 मुस्लिम प्रत्याशियों को उतार कर इन सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाना चाहती है।

अब भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर और एआईएमआईएम प्रमुख असदउद्दीन ओवैसी भी इस इलाके में अपने प्रत्याशी खड़े करने की कवायद है। ऐसे में सपा और बसपा की टेंशन बढ़ गई है जबकि भाजपा इस कवायद से बड़ी राहत महसूस कर रही है।

रालो-सपा का खेल बिगाड़ने में जुटी बसपा

उल्लेखनीय है कि प्रदेश के पहले चरण में 58 सीटों पर मतदान होना है। गन्ना बेल्ट में सपा और रालोद गठबंधन कर जाट और मुस्लिम मतों का ध्रुवीकरण करने की फिराक में है। हालांकि उसके इस खेल को बिगाड़ने में बसपा कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही। बसपा ने 55 सीटों में 19 मुस्लिमों को टिकट देकर सपा के इस खेल को खराब करने में जुटी हुई है।

सूत्रों का कहना बीस फीसदी दलित वोटों के साथ बसपा प्रत्याशी यदि अल्पसंख्यक वर्ग का बीस फीसदी वोट हासिल करने में सफल रहे तो मुकाबला त्रिकोणीय हो जाएगा और कांटे की टक्कर होगी। वहीं एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने पिछले पांच-छह महीने में करीब 60 सभाएं कर मुसलिम लीडरशिप का मुद्दा उछाल दिया है। जिसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर देखने को मिल रहा है।

यहीं नहीं उन्होंने 55 सीटों में 16 स्थानों पर मुसलिम प्रत्याशी उतार दिए हैं। ऐसे में जाट वोट भाजपा और मुसलिम वोट ओवैसी की पार्टी को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सपा और रालोद में भी चल रही खींचतान

सपा और रालोद में सीटों को लेकर किस प्रकार से रस्साकसी चल रही है। इसका एक उदाहरण मथुरा की मांट विधानसभा सीट है। इस सीट पर दोनों दलों ने अपने-अपने सिंबल पर प्रत्याशी उतार दिए हैं। ऐसे ही मेरठ की सिवालखास सीट पर दोनों दलों में खींचतान चल रही है, इससे दोनों दलों के दावेदारों में ऊहापोह की स्थिति है।

ये भी पढे़ं: मुरादाबाद: 21 से 28 जनवरी के बीच पूरी होगी दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया, तैयारियों जोरों पर

संबंधित समाचार