बरेली: ट्रेन में चेन पुलिंग पर 2021 में 80 लोगों पर हुई कार्रवाई

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बरेली जंक्शन से गुजरने वालीं विभिन्न ट्रेनों में बीते वर्ष 2021 में 85 बार चेन पुलिंग कर ट्रेनों को बेवजह रोका गया। इस मामले में आरपीएफ ने 80 लोगों को पकड़कर कार्रवाई की और उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट ने उन पर आर्थिक दंड लगाया। रेलवे एक्ट के मुताबिक ऐसा …

बरेली, अमृत विचार। बरेली जंक्शन से गुजरने वालीं विभिन्न ट्रेनों में बीते वर्ष 2021 में 85 बार चेन पुलिंग कर ट्रेनों को बेवजह रोका गया। इस मामले में आरपीएफ ने 80 लोगों को पकड़कर कार्रवाई की और उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट ने उन पर आर्थिक दंड लगाया। रेलवे एक्ट के मुताबिक ऐसा करना कानून जुर्म है। इसके लिए सजा और जुर्माने का प्रावधान है। इसको लेकर समय-समय पर आरपीएफ जागरुकता अभियान भी चलाती है। फिर भी लोग बाज नहीं आ रहे हैं। हालांकि, ये वो आंकड़े हैं जो आरपीएफ के रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

आरपीएफ ने जनवरी में 2, फरवरी में 4 मार्च तक 3, अप्रैल में 5, मई में 7, जून में 7, जुलाई में 8, अगस्त में 5, सितंबर में 9, अक्टूबर में 11 और दिसंबर में आठ लोगों को ट्रेन में बेवजह चेन पुलिंग के आरोप में पकड़ा। चेन पुलिंग से न सिर्फ समय व्यर्थ होता है बल्कि कई बार अवैध रूप से वेंडरिंग करने वाले भी इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। कई बार ट्रेनों में होने वाली चेन पुलिंग रिकार्ड में भी दर्ज नहीं हो पाती। आरपीएफ के अधिकारी बताते हैं कि कई बार जायज वजह होने के चलते चेन खींचने वाले यात्री को छोड़ दिया जाता है। बेवजह चेन खींचने वालों पर रेलवे एक्ट की धारा 141 के तहत कार्रवाई की जाती है जिसमें 1 हजार रुपये तक जुर्माना या एक साल की सजा तक का प्रावधान है।

ऐसे काम करता है चेनपुलिंग का सिस्टम
-कोच में लगी चेन ट्रेन के मेन ब्रेक पाइप से जुड़ी होती है। इन पाइपों के बीच हवा का दबाव बना रहता है लेकिन चेन पुलिंग करते ही ये हवा बाहर निकल जाती है। हवा के दबाव में आई इस कमी के कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी हो जाती है, जिसके बाद लोको पायलट तीन बार हॉर्न बजाकर ट्रेन को रोक देता है। फिर गार्ड आकर उस पाइप को लगाता है तब फिर से ट्रेन में हवा का दबाव बनता है और ट्रेन आगे चलती है।

इन परिस्थियों में खींच सकते हैं चेन
अगर कोई सहयात्री, जिसकी उम्र 60 साल से ज्यादा है या कोई बच्चा छूट जाए और ट्रेन चल दे। ट्रेन में आग लग जाए, बुजुर्ग या दिव्यांग व्यक्ति को ट्रेन में चढ़ने में वक्त लग रहा हो और ट्रेन चल दे। अचानक बोगी में किसी की तबियत बिगड़ जाए (स्ट्रोक या हार्ट अटैक हो), ट्रेन में चोरी या डकैती की घटना हो जाए।

समय-समय पर चेन पुलिंग रोकने के लिए अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। बेवजह ट्रेन की चेन खींचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। इन्हें कोर्ट में पेश किया जाता है। कोर्ट उन पर जुर्माना तय करती है।
-विपिन कुमार शिशौदिया, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ, बरेली जंक्शन

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