लखनऊ: यूपी चुनाव में किसानों के मुद्दे गायब, तमंचेवादियों और दंगाइयों पर फोकस…

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लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं की नाराजगी का एहसास होने लगा है। इसीलिए पार्टी किसानों की समस्याओं पर बात करने की जगह दंगाई, अपराधी और तमंचेवादी जैसी मुदुदे जोरशोर से उछाल रही है। भाजपा की इस रणनीति का विपक्षी दल शिकार हो रहे हैं। अलबत्ता …

लखनऊ। यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं की नाराजगी का एहसास होने लगा है। इसीलिए पार्टी किसानों की समस्याओं पर बात करने की जगह दंगाई, अपराधी और तमंचेवादी जैसी मुदुदे जोरशोर से उछाल रही है। भाजपा की इस रणनीति का विपक्षी दल शिकार हो रहे हैं। अलबत्ता समाने वाले के मुकाबले अपनी कमीज ज्यादा सफेद बताने के चक्कर में किसानों के मुद्दे पर हाशिये पर चले गए हैं।

यूपी में कोविड प्रोटोकॉल लागू होने से नहीं हो पा रहा चुनाव प्रचार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीस जिलों की 115 सीटों पर प्रथम व दूसरे चरण में चुनाव होने हैं। जिसके लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोविड प्रोट्रोकॉल की वजह से राजनीतिक दल प्रचार तो नहीं कर पा रहे हैं लेकिन एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा का केंद्रीय और प्रांतीय नेतृत्व समाजवादी पार्टी को निशाने पर लेते हुए हुए उसकी पहली सूची में जारी प्रत्याशियों का अपराधिक इतिहास बताने में जुटी हुई है।

इसमें कैराना के सपा गठबंधन प्रत्याशी नाहिद हसन से लेकर मुज्जफर नगर के पप्पू मियां तक शामिल हैं। यहीं नहीं पार्टी आजम खां और उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम की भी कुंडली जारी कर रही है। वहीं समाजवादी पाटी का नेतृत्व भाजपा के प्रत्याशियों और नेताओं का अपराधिक रिकार्ड बता रहे हैं। कांग्रेस अपनी अंतर्कलह से ही नहीं निपट पाई हैं जबकि बसपा जातिगत समीकरण दुरस्त करने में जुटी हुई है।

भाजपा का दावा, एमएसपी से खरीद में तोड़ा रिकार्ड

यूपी में पूरी तरीके से सक्रिय भाजपा का कहना है कि सरकार ने अनाज की खरीद का भुगतान सीधे किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम से किया गया। पिछली सरकार में गेहूं किसानों को 12,800 करोड़ और धान किसान को 17,190 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था। जबकि भाजपा सरकार में गेहूं किसानों को 36,405 करोड़ रुपए और धान किसानों को 41 हजार करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है ।

उत्पादन में बढ़ोत्तरी से तौल रहे किसानों की खुशहाली

भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रदेश कि योगी सरकार द्वारा किसानों को दी गई सहूलियतों के कारण धान, गेहूं, दलहन और तिलहन का उत्पादन भी बढ़ा है। पिछली सरकार में 144 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले मौजूदा सरकार में 171 लाख मीट्रिक टन धान, 349 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 375 लाख मीट्रिक टन गेहूं, 74 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 95.90 लाख मीट्रिक टन दलहन और 41 मीट्रिक टन के मुकाबले 69.67 लाख मीट्रिक टन तिलहन का उत्पादन हुआ है।

किसान सम्मान निधि के नाम पर किसानों का धोखा : सपा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का कहना है कि भाजपा अपने पूंजीपति मित्रों का समर्थन करते हुए ऐसे रास्ते पर चल पड़ी है जो किसान, मजदूर एवं निम्न मध्यम वर्ग के खिलाफ जाता है।किसान सम्मान की नाम

मात्र धनराशि देने की आड़ में काले कृषि कानून लागू कर उनका हजारों-लाखों का नुकसान करना चाहती है। प्रदेश में जबसे भाजपा की सरकारें बनी हैं तबसे किसानों के लिए संकट के हालात पैदा हो गए हैं। वहीं कांग्रेस भी प्रदेश सराकर को किसान विरोधी बताते हुए कहा कि इस सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर निजी बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाया। जबकि किसानों से भारी भरकम बीमा प्रीमियम वसूला गया जबकि दावों का भुगतान नहीं किया गया।

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