बरेली: आज की महिलाएं किचन तक नहीं सीमित, बढ़चढ़ लेंगी चुनावी महापर्व में हिस्सा
बरेली, अमृत विचार। बरेली में दूसरे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे नेताओं को आधी आबादी का भी पूरा मान रखना होगा। इसका मुख्य कारण जिले में महिला लिंगानुपात 1000 पुरुष के सापेक्ष 849 होना भी माना जा रहा है। निर्वाचन के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 के …
बरेली, अमृत विचार। बरेली में दूसरे चरण में होने वाले विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाने की तैयारी कर रहे नेताओं को आधी आबादी का भी पूरा मान रखना होगा। इसका मुख्य कारण जिले में महिला लिंगानुपात 1000 पुरुष के सापेक्ष 849 होना भी माना जा रहा है। निर्वाचन के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में बरेली में 62.94 प्रतिशत मतदान हुआ था। इसमें 63.07 प्रतिशत पुरूष मतदाताओं और 62.78 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया था।
इसलिए महिलाओं की अनदेखी कोई भी दल या प्रत्याशी नहीं करेगा। महिला मतदाताओं का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि पिछले चुनाव में 1000 पुरुष मतदाताओं पर महिला मतदाताओं की संख्या 839 थी। जो अब बढ़कर 849 हो गई है। महिलाएं कैसी सरकार चाहती हैं, इस पर अमृत विचार की टीम ने गुरूवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं से उनकी राय जानी।
महिलाओं की सुरक्षा के दावे व वादे तो सभी सरकारें करती हैं, पर आज भी इस पुरुष प्रधान समाज में महिला के उत्थान एवं सुरक्षा के लिए खोखलापन ही नजर आता है। आने वाली नई सरकार इस पर विचार करे, कि आज महिला सिर्फ किचन तक सीमित नहीं है बल्कि पुरुष के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर आगे बढ़ रही है। –वैशाली जौहरी
वर्तमान सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए अच्छे कार्य किए हैं। जिस कारण आज हम खुद और अपने बच्चों को भी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मेरा आने वाली नई सरकार से भी यही निवेदन है कि अपनी नई सरकार में भी ऐसे ही महिलाओं की सुरक्षा पर ज्यादा से ज्यादा ध्यान दें। -किरण सक्सेना
महिलाओं को समान अधिकार के साथ साथ उनकी सुरक्षा एवं प्रगतिशील लक्ष्य एवं प्रमुख रूप से महिलाओं को देश के सामाजिक, राजनीतिक एवं आर्थिक जीवन में बराबर की भागीदार बनाना होगा। -यमुना यादव
जब भी चुनाव आते हैं तब सभी दल महिलाओं के उत्थान और सुरक्षा की हामी भरते हैं लेकिन उनके किये वादे हवा हवाई साबित होते हैं सिर्फ बातें ही सिद्ध होती है। आगे बनने वाली सरकार ऐसी हो जिसकी कथनी करनी में अंतर न हो, महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उत्थान हो। –सविता रानी
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हम आने वाली सरकार से मांग करते हैं कि महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें। महंगाई कन्ट्रोल करें। शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान दें। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा ना देकर उस पर अमल भी करें। –अलका भारती
पिछली सरकार ने महिलाओं को बहुत सुविधाएं उपलब्ध करायीं। आगामी सरकार से भी हम यहीं उम्मीद करते हैं महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिलने चाहिए। –रमा पांडेय
