बरेली: सीलिंग की कार्रवाई की तो जमा हो गया लाखों का टैक्स
बरेली,अमृत विचार। लाखों का बकाया टैक्स न जमा करने पर नगर निगम के टैक्स विभाग की टीम ने गुरुवार को बदायूं रोड पर कई प्रतिष्ठानों को सील किया। इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों के मालिकों ने मौके पर बकाया टैक्स भी जमा कर दिया। अब तक कुल 47 दुकानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई हो चुकी है। …
बरेली,अमृत विचार। लाखों का बकाया टैक्स न जमा करने पर नगर निगम के टैक्स विभाग की टीम ने गुरुवार को बदायूं रोड पर कई प्रतिष्ठानों को सील किया। इस दौरान कुछ प्रतिष्ठानों के मालिकों ने मौके पर बकाया टैक्स भी जमा कर दिया। अब तक कुल 47 दुकानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई हो चुकी है।
बड़े बकाएदारों में खुर्रम गौटिया में अशोक कुमार श्रीवास्तव पर 2.73 लाख रुपये से अधिक टैक्स का बकाया था। यहीं के खुर्शीद उर रहमान ने भी नगर निगम का 4.17 लाख रुपये के टैक्स का भुगतान नहीं किया था। टीम ने इन दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दुकानों को सील कर दिया।
इसी क्रम में गली नवाबान में तयाब रहमान के सात लाख रुपये जमा न करने पर उनके दुकान को सील कर दिया गया। सुभाषनगर में आर्ट एंड ऐरेना बदायूं रोड पर 2.98 लाख रुपये और राम प्लाईवुड बदायूं रोड पर 1.66 लाख से अधिक का बकाया था। टीम ने यहां सीलिंग की कार्रवाई शुरू की, लेकिन दोनों ही प्रतिष्ठान स्वामियों ने टैक्स जमा कर दिया। सुभाषनगर में ही अभियान के दौरान टैक्स विभाग की टीम ने अमन डिपार्टमेंट स्टोर को 7.77 लाख रुपये से ज्यादा बकाया टैक्स चुकता न करने पर उसे भी सील कर दिया।
अंजता स्वीट्स ने भी नगर निगम का 1.77 लाख रुपये से अधिक का कर नहीं दिया था। टीम ने प्रतिष्ठान के सील करने की कार्रवाई शुरू की, लेकिन टीम को मौके पर ही बकाया टैक्स को अदा कर दिया गया। नगर निगम के टैक्स विभाग ने गुरुवार को 47 भवनों को बकाया जमा न करने पर सील कर दिया। कुछ ऐसे भवन हैं, जिन्हें बकाया टैक्स जमा होने पर उन्हें खोल दिया गया। कर निर्धारण अधिकारी ललतेश कुमार सक्सेना ने बताया कि टीम ने खुर्रम गौटिया में 35 दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की है। नवाबान, सुभाषनगर आदि जगहों पर भी अभियान चलाया गया।
सिफारिश में आने शुरू हो गए फोन
नगर निगम में तैनाती के दौरान से लेकर ट्रांसफर होने के बाद भी सिफारिश का दौर खत्म नहीं हो रहा है। नगर निगम का टैक्स विभाग गुरुवार को बकायेदारों के भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई करने पहुंचा तो एक दूसरे जिले में तैनात इंजीनियर का सिफारिश फोन आने लगा। बताते हैं कि टैक्स विभाग की टीम सुभाषनगर में एक व्यावसायिक भवन को सील करने पहुंची तो सिफारिश में फोन आने शुरू हो गए।
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