लखनऊ: छेड़खानी की शिकायत करने पर महिला डॉक्टर का वेतन रोका, पुलिस खामोश…
लखनऊ। एक तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने वीमेन पॉवरलाइन-1090 सेवा की शुरुआत की है, दूसरी ओर छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ है। चरक हॉस्पिटल में सहयोगी डॉक्टर द्वारा छेड़खानी की शिकायत करने वाली महिला डॉक्टर को अभी तक न्याय नहीं मिला है, इधर आवाज …
लखनऊ। एक तरह महिलाओं की सुरक्षा के लिए सरकार ने वीमेन पॉवरलाइन-1090 सेवा की शुरुआत की है, दूसरी ओर छेड़खानी की शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ है। चरक हॉस्पिटल में सहयोगी डॉक्टर द्वारा छेड़खानी की शिकायत करने वाली महिला डॉक्टर को अभी तक न्याय नहीं मिला है, इधर आवाज उठाने की सजा देते हुए अस्पताल प्रबंधन ने उसका चार महीने का वेतन रोक दिया है। पीड़ित महिला डॉक्टर ने अपना वीडियो वायरल करते हुए वेतन रोके जाने की जानकारी दी और अपना दर्द बयां किया।
तालकटोरा थाने में पीड़ित डॉक्टर ने दर्ज कराई थी शिकायत
ज्ञात हो कि चरक अस्पताल में काम करने वाली महिला डॉक्टर ने अस्पताल के ही नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ अरुण कुमार के खिलाफ बार-बार छेड़खानी करने की शिकायत करते हुए तालकटोरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वहीं प्राथमिकी में आरोप लगाते हुए बताया था कि जब उन्होंने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ अस्पताल डायरेक्टर अश्विनी सिंह से शिकायत की तो उसे नौकरी से निकालने की धमकी देते हुए चार माह का वेतन रोक दिया गया।
इधर प्राथमिकी दर्ज होने के एक माह बीतने के बाद भी पुलिस द्वारा इस मामले में अबतक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए अपनी व्यथा जाहिर की। पीड़िता ने कहा कि वह नौकरी छोड़ना चाह रही है, पर उसे आधिकारिक तौर पर अस्पताल से रिलीव नहीं किया जा रहा, जिसके कारण वह दूसरी जगह ज्वाइन नहीं कर सकती। इससे उसका कॅरियर बर्बाद हो रहा है।
उसने कई बार पुलिस से कार्रवाई के लिए संपर्क किया, पर पुलिस मामले को लगातार टाल रही है। पीड़िता ने पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर तालकटोरा कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि मामले की जांच चल रही है। ठोस साक्ष्य मिलते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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