बरेली: सपा की टिकट वितरण व्यवस्था से कार्यकर्ता निराश

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी की टिकट वितरण व्यवस्था ने कार्यकर्ताओं को पूरी तरह निराश कर दिया है। इसका असर नतीजों पर पड़ सकता है। सपा में हाशिए पर डाल दिए गए कद्दावर नेता भी इस टिकट वितरण को एतिहासिक बता रहे हैं। चुनाव के समय असहमति का दौर चलता है लेकिन जब वरिष्ठ नेता …

बरेली, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी की टिकट वितरण व्यवस्था ने कार्यकर्ताओं को पूरी तरह निराश कर दिया है। इसका असर नतीजों पर पड़ सकता है। सपा में हाशिए पर डाल दिए गए कद्दावर नेता भी इस टिकट वितरण को एतिहासिक बता रहे हैं। चुनाव के समय असहमति का दौर चलता है लेकिन जब वरिष्ठ नेता ही असहमति का सामना नहीं कर पा रहे हैं। इससे यह संदेश अच्छा नहीं जा रहा है। अन्य राजनैतिक दल भी इसका माखौल उड़ाने लगे हैं। कह रही कि भाजपा के दमदार प्रत्याशियों के आगे सपा के पास मजबूत प्रत्याशी का अभाव नजर आ रहा है।

सपा में भी नाराजगी बढ़ रही है और पार्टी इसे रोकने में अपने को नाकाम पा रही है। हाल यह है कि नामांकन शुरू हो गए लेकिन अभी तक बरेली की 6 विधानसभा के प्रत्याशी ही घोषित नहीं हुए हैं, टिकट को लेकर दावेदार भी संशकित हैं। टिकट वितरण से मायूस कार्यकर्ता अपने को पार्टी का सच्चा हितैषी तो बता रहे हैं और यह भी कह रहे कि पार्टी जिसे भी प्रत्याशी बनाएगी उसे पूरे मनोयोग से चुनाव लड़ाएंगे लेकिन उनके इस कथन में दर्द छिपा है। इसका कारण यह है कि पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं से कहा कि टिकट के लिए आवेदन करो तुम्हें टिकट देंगे।

चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं ने आवेदन किया और टिकट के दावेदार बन गए। नामांकन तिथि के एक दिन पहले तक सभी को लखनऊ में आश्वासन मिलता रहा उन्हें टिकट मिल रहा है। इससे बरेली में उनके समर्थक उत्साहित होते रहे अंत में टिकट ऐसे को दिया जो बाहरी था। निराश कार्यकर्ताओं का मानना है कि पार्टी ने पहले चरण के 59 टिकटों की घोषणा तो जोरदार ढंग से की लेकिन फिर घोषणा करना बंद कर दिया। बरेली में प्रत्याशियों के नामों की घोषणा सार्वजनिक तरीके से नहीं करने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पुराने नेताओं का भी कहना है कि टिकट वितरण में असहमति हो सकती है लेकिन कार्यकर्ताओं की बड़े पैमाने पर नाराजगी का अंदेशा वरिष्ठ नेताओं को हो चुका है।

बहेड़ी में टिकट के दावेदार नसीम अहमद तो खुलकर कह रहे है कि उन्हें पार्टी अध्यक्ष ने धोखा दिया है। पहले कहा बहेड़ी से तैयारी करो फिर टिकट काट दिया, लेकिन वे चुनाव जरूर लड़ेंगे और शनिवार को इसकी घोषणा करेंगे कि किस दल से लड़ेंगे। बहेड़ी के नसीम अहमद के इस बयान के बाद जिले के अन्य निराश कार्यकर्ताओं को बल मिला। उन्होंने दबे स्वर में कहा कि इसका असर चुनाव नतीजों पर जरूर देखने को मिलेगा।

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