बरेली: ऐरन दंपति के सपा में आने से कांग्रेस-भाजपा को झटका
बरेली, अमृत विचार। प्रवीण सिंह ऐरन के पत्नी सुप्रिया ऐरन के साथ सपा में आने और सुप्रिया ऐरन को सपा से कैंट सीट से टिकट मिलने से कांग्रेसियों के साथ भाजपा को भी झटका लगा है। भाजपा खेमे में भी हलचल पैदा हो गयी है। ऐरन दंपति की वैश्य समाज में मजबूत पैठ है और …
बरेली, अमृत विचार। प्रवीण सिंह ऐरन के पत्नी सुप्रिया ऐरन के साथ सपा में आने और सुप्रिया ऐरन को सपा से कैंट सीट से टिकट मिलने से कांग्रेसियों के साथ भाजपा को भी झटका लगा है। भाजपा खेमे में भी हलचल पैदा हो गयी है। ऐरन दंपति की वैश्य समाज में मजबूत पैठ है और कई माह से कांग्रेस में रहने के दौरान पति-पत्नी चुनाव लड़ने के लिए जमीन तैयार कर रहे थे। अब सपा से टिकट लेकर चुनाव लड़ने से इस सीट के समीकरण बिगड़ते नजर आ रहे हैं।
अभी तक भाजपा इस सीट को सुरक्षित मानकर चल रही थी लेकिन सुप्रिया ऐरन के आने के बाद भाजपा ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है। सत्ता के गलियारे में चर्चा चल उठी है कि इस सीट से दोनों प्रत्याशी वैश्य समाज से हैं। दोनों की मजबूत पैठ है। ऐसे में वैश्य समाज का जिस प्रत्याशी की तरफ ज्यादा झुकाव हो गया, उसकी सीट निकलनी तय मान रहे हैं।
पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन 26 साल के बाद सपा में वापस लौटे हैं। दिवंगत यूपी-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के नजदीक रहे प्रवीण सिंह ऐरन 1993 में समाजवादी पार्टी के टिकट से विधायक बने थे। तब उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी। बताते हैं कि विधायक रहने के दौरान कुछ अन्य विधायकों के साथ मिलकर प्रवीण सिंह ने सरकार में बगावत की थी।
इसके बाद मायावती मुख्यमंत्री बनी थीं। तब बसपा सरकार में इन्हें स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। करीब तीन माह का कार्यकाल रहा। इसके बाद राजनैतिक कैरियर को देखते हुए कांग्रेस में आ गए थे। कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी से नजदीकियां होने की वजह से कांग्रेस में इन्हें बहुत मान सम्मान मिला। 2007 में कैंट सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन दूसरे नंबर पर रहे।
इसके बाद 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ा और संसद तक पहुंचे। इस बीच उन्होंने मेयर के चुनाव में पत्नी सुप्रिया ऐरन को लड़ाया और सुप्रिया ऐरन मेयर बनीं। प्रवीण सिंह ऐरन ने 2014 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन हार मिली। उसके बाद से प्रवीण सिंह ऐरन ने कोई चुनाव नहीं लड़ा। वक्त के हिसाब से राजनैतिक कैरियर भी जीवंत रखना पड़ता है।
इसलिए उन्होंने पत्नी सुप्रिया ऐरन को 18 वीं विधानसभा चुनाव में उतारा है। कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद नामांकन कराने की तैयारी थी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने शनिवार को कार्यालय में एक प्रेस कान्फ्रेंस भी रखी थी। उसमें प्रत्याशी सुप्रिया ऐरन और प्रवीण सिंह ऐरन को भी आने था ।
लेकिन इस बीच खबरों के बीच सोशल मीडिया पर तस्वीर आई कि प्रवीण सिंह ऐरन और सुप्रिया ऐरन लखनऊ में सपा कार्यालय में अखिलेश यादव के साथ बैठे हैं।
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