लालकुआं: टिकट की आस लगाए बैठे पूर्व मंत्री को मनाने पहुंची कांग्रेस प्रत्याशी, समर्थकों ने गेट कर दिया बंद, हंगामा
लालकुआं/ हल्दूचौड़, अमृत विचार। कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल ने कांग्रेस छोड़ दी है। कांग्रेस प्रत्याशी संध्या डालाकोटी नाराज दुर्गापाल को मनाने उनके घर पहुंचीं तो समर्थकों ने गेट ही बंद कर दिया। डालाकोटी ने घर के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। दुर्गापाल समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। …
लालकुआं/ हल्दूचौड़, अमृत विचार। कांग्रेस प्रत्याशी घोषित होने के बाद पूर्व मंत्री हरीश दुर्गापाल ने कांग्रेस छोड़ दी है। कांग्रेस प्रत्याशी संध्या डालाकोटी नाराज दुर्गापाल को मनाने उनके घर पहुंचीं तो समर्थकों ने गेट ही बंद कर दिया। डालाकोटी ने घर के बाहर ही धरना शुरू कर दिया। दुर्गापाल समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। नाराज दुर्गापाल कांग्रेस प्रत्याशी से मिलने को घर से बाहर तक नहीं निकले।

मंगलवार को तब कांग्रेस प्रत्याशी संध्या डालाकोटी पूर्वाह्न में समर्थकों के साथ पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल से मिलने पहुंचीं। उस वक्त बड़ी संख्या में दुर्गापाल समर्थकों का जमावड़ा लगा था। समर्थकों को जैसे ही पता चला कि संध्या डालाकोटी पहुंची हैं। उन्होंने खुले तौर पर डालाकोटी का विरोध करते हुए उनके खिलाफ ही नारेबाजी शुरू कर दी। इस बीच कुछ समर्थकों ने दुर्गापाल के आवास का मेन गेट अंदर से बंद कर दिया। कांग्रेस प्रत्याशी व उनके पति किरन डालाकोटी को घर के अंदर तक नहीं घुसने दिया गया। संध्या डालाकोटी अपने कुछ समर्थकों के साथ गेट के बाहर ही धरने पर बैठ गईं। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। बाद में कांग्रेस प्रत्याशी वापस लौट गईं।
दुर्गापाल के घर से उतारा गया कांग्रेस का झंडा, इस्तीफे
पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल को कांग्रेस का टिकट न मिलने से उनके समर्थक नाराज हो गए हैं। दुर्गापाल भी बागी तेवर अपनाए हुए हैं। समर्थकों ने कांग्रेस छोड़ने का ऐलान करते हुए दुर्गापाल के घर की छत पर लगा कांग्रेस का झंडा भी उतार दिया। देर रात तक समर्थक दुर्गापाल के घर ही जुटे रहे। बताया जा रहा है कि दुर्गापाल निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 27 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे।सोमवार को देर रात प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद से ही दुर्गापाल नाराज थे।
मंगलवार सुबह विधानसभा क्षेत्र के लगभग हर हिस्से से वहां लोग पहुंचे। ‘दुर्गापाल तुम संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं’ जैसे नारों के साथ कांग्रेस हाईकमान के खिलाफ समर्थकों का गुस्सा चरम पर था। समर्थकों का कहना था कि दुर्गापाल को हर हाल में चुनाव लड़ना होगा। दिनभर मंथन चलता रहा। समर्थकों का कहना था कि कांग्रेस नेतृत्व ने दूसरी बार धोखा दिया है। दुर्गापाल ने समर्थकों के साथ रायशुमारी की। तय हुआ कि 27 जनवरी को नामांकन दाखिल किया जाएगा। अंतिम निर्णय बुधवार को लिया जाएगा।
पहले भी निर्दलीय जीते थे दुर्गापाल
पूर्व मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल पहली बार 2002 में विधायक बने थे। 2012 में उनका टिकट काट दिया था। तब भी हरीश दुर्गापाल निर्दलीय तौर पर लड़े और जीत हासिल की। कांग्रेस को सरकार के लिए सबसे पहले निर्दलीय विधायक के तौर पर हरीश दुर्गापाल ने ही दिया था। उन्हें मंत्री बनाया गया था। अब फिर से दुर्गापाल को कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया है।
