खिताब की उम्मीदें टूटने के बाद भारत की नजरें एशिया कप में पोडियम में जगह बनाने पर
मस्कट। खिताब की उम्मीदें टूटने के बाद भारत शुक्रवार को यहां महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के तीसरे-चौथे स्थान के प्ले आफ में चीन को हराकर पोडियम पर जगह बनाने के लक्ष्य के साथ उतरेगा। टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान सहित 2020 में सफलता हासिल करने के बाद भारतीय टीम कोविड-19 के कारण पर्याप्त मैच …
मस्कट। खिताब की उम्मीदें टूटने के बाद भारत शुक्रवार को यहां महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट के तीसरे-चौथे स्थान के प्ले आफ में चीन को हराकर पोडियम पर जगह बनाने के लक्ष्य के साथ उतरेगा। टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान सहित 2020 में सफलता हासिल करने के बाद भारतीय टीम कोविड-19 के कारण पर्याप्त मैच अभ्यास हासिल नहीं कर सकी जिससे टीम अहम मुकाबलों में प्रदर्शन में निरंतरता नहीं ला पाई और खिताब की दौड़ से बाहर हो गई।
Women's #AsiaCup Hockey tournament: South Korea defeat India 3-2 in the first semi final at Muscat.
Japan will clash with China in the other semi-final today. The match will begin at 8:30 PM.#WAC2022 pic.twitter.com/ZisH5y5PLj
— All India Radio News (@airnewsalerts) January 26, 2022
टूर्नामेंट के पहले मैच में मलेशिया को 9-0 से हराने के बाद भारत को एशियाई खेलों के चैंपियन जापान के खिलाफ 0-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। टीम ने सिंगापुर को 9-1 से हराकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया। लेकिन सेमीफाइनल में खराब रक्षण और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में नाकामी के कारण भारत को कोरिया के खिलाफ 2-3 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
कोरिया शुक्रवार को खिताब मुकाबले में जापान से भिड़ेगा। पहले दो क्वार्टर में अच्छे रक्षण के बाद भारत ने तीन गोल गंवाए। टीम मध्यांतर पर 1-0 से आगे थी लेकिन इसके बाद 1-3 से पिछड़ गई। लालरेमसियामी ने हार के अंतर को कम किया लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सकीं। गोलकीपर सविता ने तीन आसान गोल गंवाए और शुक्रवार को उनकी अगुआई वाली रक्षापंक्ति की एक और परीक्षा होगी जिसमें अनुभवी गुरजीत कौर और दीप ग्रेस एक्का भी शामिल हैं। वंदना कटारिया, मोनिका, नवनीत कौर और लालरेमसियामी की मौजूदगी वाली अग्रिम पंक्ति ने टूर्नामेंट में अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और इन सभी ने एक से अधिक गोल दागे हैं।
टीम को हालांकि मिडफील्ड और रक्षा पंक्ति के बीच सामंजस्य की कमी का खामियाजा भुगतना पड़ा है। पेनल्टी कॉर्नर को गोल में नहीं बदल पाना एक और विभाग हैं जहां भारत को काफी सुधार करने की जरूरत है। सिंगापुर के खिलाफ हैट्रिक को छोड़ दिया जाए तो अनुभवी ड्रैग फ्लिकर गुरजीत और उनकी जोड़ीदार दीप ग्रेस पूरे टूर्नामेंट के दौरान पेनल्टी कॉर्नर के समय रंग में नहीं दिखीं।
विश्व रैंकिंग और हाल के समय के एक दूसरे के खिलाफ रिकॉर्ड पर नजर डालें तो शुक्रवार को होने वाले मैच में भारत का पलड़ा भारी नजर आता है। भारत की विश्व रैंकिंग 10वीं जबकि चीन की 13वीं है। भारत ने पिछले तीन मुकाबले में चीन को कोरिया के डोंगहेई में 2018 एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी मुकाबले में 3-1 जबकि पिछले एशियाई खेलों में 1-0 से हराया। दोनों टीम ने 2019 में तोक्यो ओलंपिक परीक्षण प्रतियोगिता में गोल रहित ड्रॉ खेला।
