यूपी चुनाव : बाराबंकी की इस सीट पर सभी दलों ने जताया पिछड़ी जाति के उम्मीदवार पर भरोसा

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बाराबंकी। बाराबंकी सदर विधानसभा क्षेत्र में 2022 का विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है। यहां सभी राजनीतिक दलों ने पिछड़ी जाति के ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। ऐसी स्थिति में सवर्ण और मुस्लिम मतदाता जीत हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पिछड़ी जाति बाहुल्य बाराबंकी सदर सीट से पिछले कई चुनावों से …

बाराबंकी। बाराबंकी सदर विधानसभा क्षेत्र में 2022 का विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है। यहां सभी राजनीतिक दलों ने पिछड़ी जाति के ही उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे हैं। ऐसी स्थिति में सवर्ण और मुस्लिम मतदाता जीत हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पिछड़ी जाति बाहुल्य बाराबंकी सदर सीट से पिछले कई चुनावों से पिछड़ी जाति के ही उम्मीदवार जीतते आए हैं।समाजवादी पार्टी के विधायक धर्मराज सिंह यादव पिछले 10 साल से इस सीट पर काबिज हैं। इसके पहले पिछली जाति के ही संग्राम सिंह बसपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके हैं।

समाजवादी पार्टी ने इस बार भी धर्मराज सिंह यादव उर्फ सुरेश को उम्मीदवार बनाया है। उनके मुकाबले में बसपा ने डॉक्टर विवेक वर्मा भाजपा ने अरविंद मौर्या और कांग्रेस ने गौरी यादव को मैदान में उतारा है। यह ऐसी सीट है जहां भाजपा न तो राम लहर में जीत पाई और न ही मोदी लहर में ही। इस बार भी सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के लिए यह सीट बड़ी चुनौती साबित होगी।

2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के धर्म राज यादव ने बसपा के सुरेंद्र सिंह को 29705 मतों से पराजित किया था। भाजपा के उम्मीदवार हरगोविंद सिंह तीसरे स्थान पर चले गए थे। इस चुनाव में सपा उम्मीदवार को 99453 यानी 40.53%, बसपा उम्मीदवार को 69 748 यानी 28.43%, भाजपा उम्मीदवार को 67172 यानी 27.36 मत हासिल हुए थे। 2012 के चुनाव में भी सपा के धर्मराज यादव ने ही बसपा के सुरेंद्र सिंह को 22 770 मतों से पराजित किया था। इस चुनाव में भी भाजपा तीसरे स्थान पर थी।यहां यादव कुर्मी और पासी के साथ-साथ मुस्लिम मतदाताओं की तादाद भी अच्छी खासी है।

संकरी सड़कें, शिक्षा एवं चिकित्सा के साथ-साथ अव्यवस्थित विकास बड़ी समस्या है। राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए मेडिकल कॉलेज की घोषणा की है परंतु इस जिले के लिए अभी ऐसी कोई पहल नहीं हुई। प्राइवेट सेक्टर में जरूर इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज हैं। यहां के छात्र अपनी शिक्षा के लिए राजधानी के शिक्षण संस्थानों पर निर्भर हैं।मेंथा और अफीम की खेती के लिए मशहूर इस क्षेत्र में सिंचाई और विपणन की भी समुचित व्यवस्था नहीं है।

390319 मतदाता करेंगे मतदान

बाराबंकी सदर विधानसभा में युवा और महिला मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। यहां जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक कुल मतदाताओं की संख्या 3 लाख 90 हज़ार 319 है। इसमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 लाख 7 हज़ार 68 और महिला मतदाताओं की संख्या 1 लाख 83 हज़ार 18 है। इनमें 33 मतदाता ट्रांसजेंडर हैं।

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