लखनऊ: मलिहाबाद सीट पर सपा व बसपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद शुरू हुई बगावत…
लखनऊ। राजधानी की मलिहाबाद सुरक्षित सीट से सपा और बसपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद से क्षेत्रीय नेता और कार्यकर्ताओं में खासा रोष व्याप्त है। यहां पर कार्यकर्ता बीते साल भर से जिस नेता के लिए माहौल बनाने का काम कर रहे थे। अब से पार्टी की ओर से टिकट न मिलने से काफी …
लखनऊ। राजधानी की मलिहाबाद सुरक्षित सीट से सपा और बसपा का प्रत्याशी घोषित होने के बाद से क्षेत्रीय नेता और कार्यकर्ताओं में खासा रोष व्याप्त है। यहां पर कार्यकर्ता बीते साल भर से जिस नेता के लिए माहौल बनाने का काम कर रहे थे। अब से पार्टी की ओर से टिकट न मिलने से काफी नाराजगी जाहिर कर रहे है। सपा में दबी जुबान से विरोध जताया जा रहा है। वहीं बसपा के कई नेताओं ने न केवल पार्टी से इस्तीफा दिया बल्कि भाजपा को जिताने के लिए दिखावटी (डमी) उम्मीदवार उतारने का आरोप भी लगा रहे हैं।
सपा ने पूर्व सांसद सुशीला सरोज को बनाया है प्रत्याशी
मलिहाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी ने पूर्व सांसद सुशीला सरोज को प्रत्याशी बनाया है जबकि बहुजन समाज पार्टी ने जगदीश रावत को प्रत्याशी बनाया है। दोनों ही दलों के प्रत्याशी घोषित होने के बाद पार्टी के क्षेत्रीय नेता और जमीनी कार्यकर्ताओं ने बगावत शुरू कर दी है। सपा में जहां स्थानीय कार्यकर्ता प्रत्याशी बदलने के लिए लगातार मांग कर रहे हैं।
तो वहीं बसपा को मलिहाबाद में बड़ा झटका लगा है। बसपा के मलिहाबाद विधानसभा अध्यक्ष अनिल कुमार उर्फ मिंटू मौर्य, पवन गौतम समेत कई नेताओं ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया है। वही बसपा ने आलोक वर्मा को पुनः विधानसभा अध्यक्ष बनाया है। इधर, सपा ने घोषित प्रत्याशी पूर्व सांसद सुशीला सरोज का मोबाइल फोन लगातार बंद जा रहा है, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उनके प्रति लगातार रोष बढ़ता जा रहा है।
सुशीला के चुनाव न लड़ने की आ रही खबर
सुशीला सरोज के निजी सचिव अजय सिंह चौहान का कहना है कि वह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने की बात कह रही है। सपा में लगातार क्षेत्र में मेहनत करने वाले टिकट के दावेदार राजबाला रावत, सीएल वर्मा, सोनू कनौजिया, डॉ मोहनलाल पासी पार्टी नेतृत्व के फैसले का स्वागत करते हुए सुशीला को जिताने के लिए लोगों से अपील की है, लेकिन क्षेत्रीय कार्यकर्ता उनकी अपील को मानने के लिए तैयार नहीं हैं। वे प्रत्याशी बदलने की नेतृत्व से मांग कर रहे है।
बसपा ने दिया डमी उम्मीदवार
बसपा छोड़ने वाले नेताओं का आरोप है कि बसपा नेतृत्व ने जो प्रत्याशी दिया है वह दिखावटी (डमी) प्रत्याशी है। पार्टी ने जानबूझकर भाजपा को जिताने के लिए डमी प्रत्याशी को टिकट दिया है। जिसका क्षेत्र में कोई जनाधार नहीं है। पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का यहां तक कहना है कि जगदीश रावत को प्रत्याशी बनाना बसपा व भाजपा नेताओं की सोची समझी रणनीति है। जिसे क्षेत्र का हर मतदाता अच्छी तरह से समझ रहा है।
ये भी पढ़ें: लखनऊ: शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए पुलिस मुस्तैद, बनी यह योजना…
