यूपी चुनाव: योगी सरकार के नौ मंत्रियों की पहले चरण में होगी परीक्षा, पढ़ें…
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान की तारीख करीब आती जा रही है। भाजपा सरकार बनने के बाद और बाद में हुये विस्तार में पहले चरण के क्षेत्र के नौ विधायकों को योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। मौजूदा चुनाव में बीते चुनाव जैसी परिस्थितियां नहीं हैं। बीजेपी की घेराबंदी में कसर नहीं …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान की तारीख करीब आती जा रही है। भाजपा सरकार बनने के बाद और बाद में हुये विस्तार में पहले चरण के क्षेत्र के नौ विधायकों को योगी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया। मौजूदा चुनाव में बीते चुनाव जैसी परिस्थितियां नहीं हैं।
बीजेपी की घेराबंदी में कसर नहीं छोड़ रहा सपा गठबंधन
सपा गठबंधन ने भाजपा की घेराबंदी में कोई कसर नहीं छोड़ी है तो बसपा और कांग्रेस के प्रत्याशी भी अपनी पूरी ताकत से चुनावी लड़ाई को अपने पक्ष में मोड़ने में जुटे हुये है। यह सभी मंत्री अपने कार्यकाल में किये गये कार्यों और उपलब्धियों का ब्यौरा लेकर परीक्षा की तैयारी में हैं। अब आगामी 10 मार्च को नतीजों से ही पता चलेगा कि जनता के मापदंड़ों पर यह पास हुये या फेल।
श्रीकांत शर्मा
योगी सरकार में उर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा एक बार फिर मथुरा शहर विधानसभा सीट से प्रत्याशी हैं। सपा गठबंधन से देवेंद्र अग्रवाल तो बसपा से एसके शर्मा और कांग्रेस से उनके पुराने प्रतिद्वंदी प्रदीप माथुर चुनौती दे रहे हैं।
श्रीकांत शर्मा वर्ष 2017 में पहली बार चुनावी अखाड़े में कूदे थे और उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता प्रदीप माथुर को एक लाख से अधिक मतों से पराजित कर दिया था। अयोध्या और काशी के साथ मथुरा भी भाजपा के एजेंडे में शामिल रहा है। मथुरा से निकला सियासी संदेश काफी दूर तक जाएगा। इसीलिए भाजपा की ओर से इस सीट को जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।
सुरेश राणा
भाजपा के फायरब्रांड नेता व योगी सरकार में गन्ना मंत्री सुरेश राणा वर्ष 2012 और 2017 में जीत हासिल करने के बाद वर्ष 2022 में भी जनता का भरोसा जीतने के लिए चुनाव मैदान में उतरे हैं। मुजफ्फरनगर दंगे में भी उनका नाम सामने आया था। सपा गठबंधन से अशरफ अली, बसपा ने जहीर मलिक तथा कांग्रेस ने सत्यम सैनी को प्रत्याशी बनाया है। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के अब्दुल वारिस खान को 16 हजार से अधिक मतों से हराया था।
संदीप सिंह
अलीगढ़ जिले की अतरौली विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने के लिए भाजपा ने एक बार फिर कल्याण सिंह के पौत्र संदीप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है। योगी सरकार में राज्य मंत्री संदीप सिंह ने 2017 के चुनाव में भी इस सीट पर जीत हासिल की थी। कल्याण सिंह और उनका परिवार इस सीट पर 11 बार जीत हासिल कर चुका है।
कल्याण सिंह के निधन के बाद हो रहे पहले चुनाव में संदीप सिंह पर एक बार फिर परिवार की प्रतिष्ठा बनाए रखने की बड़ी जिम्मेदारी है। सपा गठबंधन ने यहां से पूर्व विधायक वीरेश यादव को, बसपा ने ओमवीर सिंह तथा कांग्रेस ने धर्मेंद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में संदीप सिंह ने सपा के वीरेश यादव को 50 हजार से ज्यादा मतों से पराजित किया था।
अतुल गर्ग
योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री अतुल गर्ग एक बार फिर किस्मत आजमाने के लिए गाजियाबाद विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने बसपा के सुरेश बंसल को भारी मतों से हराया था। सपा-रालोद के गठबंधन के कारण इस बार अतुल गर्ग की चुनौतियां काफी बढ़ी हुई है। सपा गठबंधन से विशाल वर्मा, बसपा से सुरेश बंसल, कांग्रेस सेे सुशांत गोयल चुनाव मैदान में हैं।
दिनेश खटीक
मेरठ जिले की हस्तिनापुर विधानसभा सीट पर योगी सरकार के बाढ़ नियंत्रण राज्य मंत्री दिनेश खटीक की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में वे पहली बार चुनावी अखाड़े में कूदे थे और उन्होंने बसपा के योगेश वर्मा को हराकर जीत का सेहरा बांधा था। सपा गठबंधन से योगेश वर्मा, बसपा से संजीव कुमार तथा कांग्रेस से अभिनेत्री अर्चना गौतम को प्रत्याशी बनाया गया है।
अनिल शर्मा
भाजपा ने एक बार फिर शिकारपुर विधानसभा सीट पर योगी सरकार के एक और मंत्री अनिल शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा ने बसपा के मुकुल उपाध्याय को 50 हजार से अधिक मतों से पराजित कर बड़ी जीत हासिल की थी। सपा गठबंधन ने किरनपाल सिंह को, बसपा ने मोहम्मद रफी उर्फ फड्डा को तथा कांग्रेस ने जियाउर रहमान को प्रत्याशी बनाया हैं।
चौधरी लक्ष्मीनारायण
मथुरा जिले की छाता विधानसभा सीट से योगी सरकार के एक और मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण चुनाव मैदान में उतरे हैं। चौधरी लक्ष्मीनारायण की इस क्षेत्र पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। वह वर्ष 1996 के पहली बार कांग्रेस के टिकट पर तथा वर्ष 2007 में बसपा के टिकट पर जीतकर विधानसभा पहुंचे थे और मायावती सरकार में मंत्री थे।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी। सपा गठबंधन से पूर्व मंत्री तेजपाल सिंह बसपा से सोनपाल सिंह, कांग्रेस से पूनम देवी को प्रत्याशी बनाया है।
डा.जीएस धर्मेश
आगरा की छावनी विधानसभा सीट पर डा. जीएस धर्मेश को एक बार फिर चुनाव मैदान में उतारा गया है। योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री बनने वाले धर्मेश पहले कांग्रेस में थे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने आगरा छावनी सीट पर 45 हजार मतों से जीत हासिल की थी। सपा गठबंधन से कुंवरचंद वकील, बसपा से डा. भारतेंदु अरुण, कांग्रेस से अरुण वाल्मीकि को प्रत्याशी बनाया है।
कपिलदेव अग्रवाल
मुजफ्फरनगर सदर विधानसभा सीट से योगी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में सपा के गौरव स्वरूप बंसल को हराया था। इस बार सपा और रालोद के गठबंधन के बाद इस बार यहां कांटे का मुकाबला माना जा रहा है।
मुजफ्फरनगर के चुनावी नतीजे का बड़ा सियासी संदेश माना जाएगा और इसीलिए भाजपा इस सीट पर जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत के साथ लगी हुई है। सपा गठबंधन से सौरभ स्वरूप, बसपा से पुष्पांकर पाल तथा कांग्रेस से सुबोध शर्मा पर दांव लगाया हैं।
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