मुरादाबाद : इंतजार खत्म, 10 दिन में पुल से शुरू होगा आवागमन
मुरादाबाद, अमृत विचार। 40 साल के संघर्ष के दौरान गोविंद नगर क्षेत्र के 50 से अधिक लोगों की जान पुल न होने के कारण जा चुकी है। अब यहां के लोगों के लिए राहत की खबर है। अगर नगर निगम सड़क का निर्माण पूरा कर दे और रेलवे की बाकी बची बाउंड्री तैयार हो जाए …
मुरादाबाद, अमृत विचार। 40 साल के संघर्ष के दौरान गोविंद नगर क्षेत्र के 50 से अधिक लोगों की जान पुल न होने के कारण जा चुकी है। अब यहां के लोगों के लिए राहत की खबर है। अगर नगर निगम सड़क का निर्माण पूरा कर दे और रेलवे की बाकी बची बाउंड्री तैयार हो जाए तो 10 दिन में पुल से यातायात शुरू हो जाएगा। इस पुल पर दो पहिया वाहनों से आना-जाना हो सकेगा। एंबुलेंस के चलने की अनुमति भी होगी।
पैदल लोग इस पुल से बेधड़क हाईवे की ओर आ सकेंगे। बाजार से घरों तक जाना भी सुगम हो सकेगा। सूत्रों का कहना है कि पहले कोरोना काल में पुल का निर्माण ठप रहा और रेलवे लाइन के दोनों ओर खड़े बिजली के खंभों को हटाने को लेकर रेलवे और बिजली विभाग में ठनी रही। जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद बिजली विभाग ने 22 लाख रुपये लेकर पोल को शिफ्ट कर दिया है। अभी पुल के एप्रोच मार्ग का निर्माण नहीं हो पाया है।
नगर निगम को सड़क का निर्माण करना है। जून में क्षेत्र के लोगों ने रेलवे की टीम को भगा दिया था। पुल बनने के बाद पटरी के दोनों ओर ऊंची दीवार बनाने का काम चल रहा है। क्योंकि रेल पटरी पार करने के दौरान यहां अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं। पुल बनने के बाद भी लोग पटरियों को पार कर निकलने को विवश हैं। दो पहिया वाहनों की बात कौन करे, यहां मजबूरी में लोग ऑटो और ई-रिक्शा संग देखे जा रहे हैं। रेलवे ने बीते साल मार्च में ही पुल निर्माण पूरा कर लेने और जुलाई में इसे जन सामान्य के लिए खोल देने का दावा कर दिया था। मगर ऐसा नहीं हो सका।
रेलवे का कहना है कि इसके लिए नगर निगम और राज्य सरकार का निर्माण एजेंसियों जिम्मेदार हैं। नगर निगम नाला और सड़क बनाने को लेकर सुस्त रहा। लोगों ने रेलवे के हिस्से में बनने वाली दीवार कई बार ढहा दी। इस वजह से काम समय से पूरा नहीं हो पाया।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर डीके गुप्ता का कहना है कि बाकी 300 मीटर चारदीवारी का निर्माण जारी है। इस बीच पुल से आवागमन रोक दिया गया है। सड़क बनने के साथ फुट-ओवर व्रिज से लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
लोक सभा चुनाव के पहले होना था तैयार
गोविंद नगर क्षेत्र के करीब 50 हजार लोगों को हाईवे से जोड़ने वाले इस पुल की मांग 40 साल से हो रही थी। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले इसे शुरू करने की योजना थी। पुल के लिए नगर निगम की ओर से धन का प्रबंध किया गया। निगम ने रेलवे को पुल के एवज में भूमि का प्रबंध किया। नवंबर 2017 में पुल निर्माण की बुनियाद रखी गई। तत्कालीन सांसद सर्वेश कुमार सिंह, मेयर विनोद अग्रवाल, शहर विधायक रितेश गुप्ता, विधान परिषद सदस्य डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, कांठ के विधायक राजेश कुमार सिंह सहित तमाम जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए। मात्र छह माह के भीतर पुल निर्माण के दावे किए गए। लेकिन, इसकी डिजाइन, बिजली पोल की शिफ्टिंग और रेलवे-नगर निगम के बीच बजट का गतिरोध लंबे समय तक रुकावट का कारण बना रहा।
पुल शुरू होने में विलंब के लिए राज्य सरकार की एजेंसियां जिम्मेदार हैं। नगर निगम को हाईवे की ओर सड़क का निर्माण करना है। रेलवे को 300 मीटर लंबाई में बाउंड्री का निर्माण करना है। दोनों काम शुरू है। मुश्किल से आठ दिन में यह कार्य पूरा हो जाएगा। 10 दिन में पुल को जन सामान्य के लिए खोल दिया जाएगा। -एनएन सिंह, एडीआरएम (निर्माण)
