अयोध्या: आंकड़ों के खेल में उलझी धान खरीद, किसानों के भी हैं बकायेदार
अयोध्या। अयोध्या मंडल में धान खरीद आंकड़ों में उलझ कर रह गई है। मंडलायुक्त के कड़े निर्देश के बाद भी धान खरीद के लक्ष्य में इजाफा नहीं हो रहा है। यह हाल तब है जब कमिश्नर ने धान खरीद को लेकर तीन दिनों के दौरान दो बार समीक्षा की। सिर्फ यही नहीं मंडल के सभी …
अयोध्या। अयोध्या मंडल में धान खरीद आंकड़ों में उलझ कर रह गई है। मंडलायुक्त के कड़े निर्देश के बाद भी धान खरीद के लक्ष्य में इजाफा नहीं हो रहा है। यह हाल तब है जब कमिश्नर ने धान खरीद को लेकर तीन दिनों के दौरान दो बार समीक्षा की। सिर्फ यही नहीं मंडल के सभी जिले किसानों के बकायेदार भी पाए गए हैं। कुल 5500 किसानों के खातों में उनकी धनराशि नहीं भेजी गई है।
मंडलायुक्त नवदीप रिणवा की ओर से बीती 31 जनवरी को मंडल में धान खरीद की समीक्षा की गई। मंडल में कुल लक्ष्य 651600 के मुकाबिल 558213 मीट्रिक टन खरीद का लेखा-जोखा पेश किया गया था। खास बात यह है कि उस समीक्षा में भी निर्धारित लक्ष्य के 85.67 प्रतिशत का आंकड़ा प्रस्तुत किया गया था। जबकि दो फरवरी यानि बुधवार को कमिश्नर की धान खरीद को लेकर दूसरी समीक्षा में भी यही प्रतिशत दिखाया गया है।
ऐसे में माने तो तीन दिनों के दौरान मंडल में धान खरीद एक प्रतिशत भी आगे नहीं बढ़ सकी, जबकि कमिश्नर की ओर से शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने के फरमान बार बार जारी किए जा रहे हैं। आंकड़ों की बाजीगरी यही नहीं है, पहली समीक्षा में सुल्तानपुर 74 तो अयोध्या जिला 79 प्रतिशत पर था। दूसरी समीक्षा में भी दोनों जिलों का धान खरीद प्रतिशत जस का तस बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर आधार कार्ड की सीडिंग और कतिपय त्रुटियां दूर न किए जाने से मंडल में लगभग 5500 किसानों के खातों में उनके द्वारा बेचें गए धान का पैसा अभी तक नहीं भेजा गया है।
धान खरीद की समीक्षा में यह भी पाया गया कि बाराबंकी में भी खरीद निर्धारित औसत से कम है। कमिश्नर ने धान क्रय एजेंसियों को लेकर भी तेजी के निर्देश दिए थे लेकिन एजेंसियों ने भी खरीद को लेकर ढीला रवैया अपना रखा है। इसी के चलते अयोध्या, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर और बाराबंकी जिलों को चेतावनी जारी की गई थी, इसके बाद भी संबधित जिले जस के तस आंकड़े पेश कर दामन बचाने की जुगत में लगे हुए हैं।
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