आवाज की दुनिया में आठ दशक तक चला लता मंगेशकर का जादू
देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार रहीं ‘भारत रत्न’ से सम्मानित स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार को निधन हो गया, लेकिन वह अपने सुरीले गीतों के जरिए संगीत प्रेमियों के दिलों में सदा अमर रहेंगी। उनके गीतों ने कभी प्रेम, कभी खुशी, कभी दुख की भावनाओं को व्यक्त किया तो …
देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार रहीं ‘भारत रत्न’ से सम्मानित स्वर कोकिला लता मंगेशकर का रविवार को निधन हो गया, लेकिन वह अपने सुरीले गीतों के जरिए संगीत प्रेमियों के दिलों में सदा अमर रहेंगी। उनके गीतों ने कभी प्रेम, कभी खुशी, कभी दुख की भावनाओं को व्यक्त किया तो कभी संगीत की धुनों पर नाचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने मनुष्य की हर भावना को अपनी आवाज के जरिए संगीत प्रेमियों के दिलों तक पहुंचाया। उनकी आवाज ने ग्रामोफोन की दुनिया से लेकर डिजिटल युग तक का सफर तय किया और कई गीतों को अविस्मरणीय बना दिया।

लता मंगेशकर ने गाए 30 हजार से अधिक गाने
लता मंगेशकर की मधुर आवाज ने आठ दशकों से संगीत की दुनिया को सुरों से नवाज़ा है। भारत रत्न से सम्मानित गायिका लता मंगेशकर ने अपने करियर में 30 हजार से अधिक गाने गाए हैं। बॉलीवुड के इतने लंबे सफर में उन्होंने मधुबाला से लेकर प्रियंका चोपड़ा तक के गानों में अपनी आवाज दी।

हालात से मजबूर होकर शुरू किया था गाना
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितम्बर,1929 को माध्यप्रदेश के एक मध्यम वर्गीय मराठी परिवार इंदौर में हुआ था। लता का पूरा नाम कुमारी लता दीनानाथ मंगेशकर है और उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर एक कुशल रंगमंचीय गायक थे। लता मंगेशकर अपने परिवार में सबसे बड़ी थी, ऐसे में जब 1942 में उनके पिता का निधन हो गया तो बड़ी संतान होने के नाते परिवार की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। लता मंगेशकर के पिता के दोस्त मास्टर विनायक ने फिल्म बड़ी मां में किरदार निभाने का प्रस्ताव दिया, जिसके बाद लता मंगेशकर मुंबई आ गईं और यहीं पर उन्होंने उस्ताद अमान अली खान से हिंदुस्तानी संगीत सीखा। इसके बाद लता जी ने अपने करियर में कई लिजेंड्री म्यूजिक डायरेक्टर के साथ काम किया।

जब सिंगर को मिले थे महज 25 रुपए
लता मंगेशकर ने महज 13 साल की उम्र में अपना करियर शुरू किया था। लता मंगेशकर को पहली बार स्टेज पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे। इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं। 1949 में लता को पहला मौका फ़िल्म “महल” के आयेगा आनेवाला गीत से मिला। इस गीत को उस समय की सबसे खूबसूरत और चर्चित अभिनेत्री मधुबाला पर फ़िल्माया गया था।

पहला रेडियो परफॉर्मेंस
16 दिसंबर 1941 को लता मंगेशकर ने रेडियो पर पहली बार गाया था। लता मंगेशकर ने उस समय दो नाट्यगीत गाए थे जिसे सुनकर उनके पिताजी काफी ज्यादा खुश हुए थे। उन्होंने लता जी की मां को बताया कि लता जी को रेडियो पर गाना गाते सुन अब वो निश्चिंत हैं और उन्हें किसी बात की चिंता नहीं है।

ये थे लता मंगेशकर के शौक
बहुत कम लोगों को पता होगा कि लता मंगेश्कर का असली नाम हेमा हरिदकर है। बचपन के दिनों से उन्हें रेडियो सुनने का बड़ा ही शौक था। जब वह 18 साल की थी तब उन्होंने अपना पहला रेडियो खरीदा था और जैसे ही उन्होंने रेडियो ऑन किया तो के.एल.सहगल की मृत्यु का समाचार उन्हें प्राप्त हुआ। बाद में उन्होंने वह रेडियो दुकानदार को वापस लौटा दिया। लता मंगेश्कर को अपने बचपन के दिनों में साइकिल चलाने का काफी शौक था, जो पूरा नहीं हो सका। उन्होंने अपनी पहली कार 8000 रूपये में खरीदी थी। लता मंगेश्कर मसालेदार भोजन करने का शौक रखती है और एक दिन में वह तकरीबन 12 मिर्चे खा जाती है। उनका मानना है कि मिर्चे खाने से गले की मिठास बढ़ जाती है। लता मंगेश्कर को किक्रेट देखने का भी काफी शौक रहा है। लार्डस में उनकी एक सीट सदा आरक्षित रहती है।

लता मंगेशकर के सुपरहिट गाने
स्वर कोकिला लता मंगेशकर के सुपरहिट गाने जिसे सुनकर आप संगीत की एक अलग ही दुनिया में चले जायेंगे।
- ऐ मेरे वतन के लोगो
- हमको हमी से चुरा लो
- ऐसा देश है मेरा
- लग जा गले… के फिर ये हसीं रात हो ना हो
- शीशा हो या दिल हो
- दिल तो पागल है
- आवाज़ दो हमको हम खो गए
- जिंदगी प्यार का गीत है

स्वर कोकिला को सम्मान
- भारत रत्न अवार्ड- 2001
- पद्म विभूषण -1999
- दादा साहब फाल्के अवार्ड- 1989, इसके अलावा कई अन्य पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं लता ‘दीदी’

बचपन में काफी जिद्दी थीं लता
लता मंगेशकर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि बचपन में दूसरे बच्चों की तरह ही काफी जिद्दी थीं। वे कई सारी फरमाइशें किया करतीं और अगर उनकी कोई फरमाइश अधूरी रह जाती तो वे खफा हो जातीं। कई बार तो ऐसा भी होता कि वे सभी से रूठ कर दूर जाने लगतीं। वे अपना सामान एक गठरी में बांध घर से बाहर निकल जातीं। उनके घरवाले उन्हें पुकारते रहते मगर वे पीछे मुड़कर नहीं देखतीं। इसके बाद कोई ना कोई भागकर जाता और लता जी को गोदी में उठा वापस घर ले आता। साथ ही उनकी इच्छा भी पूरी कर दी जाती।

ईशा अंबानी की शादी में गाया गांयत्री मंत्र
साल 2018 में मुकेश अंबानी और नीता अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी हुई थी। ईशा अंबानी ने आनंद पीरामल का हाथ थाम सात फेरे लिए थे। इस आलीशान शादी के लिए स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने गायत्री मंत्र और गणेश स्तुति के स्पेशल वर्जन को रिकॉर्ड किया था। साथ ही उन्होंने नई जोड़ी को आशीर्वाद देने के लिए स्पेशल मैसेज भी रिकॉर्ड कर भेजा था।

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