हरदोई: दिल्ली में रह रहे मजदूर की संदिग्ध हालत में मौत, नहर में तैरता हुआ पाया गया शव
हरदोई। सालों से दिल्ली में रहते हुए वहीं मजदूरी करने वाले मजदूर का शव एक नहर में तैरता हुआ देखा गया। बताते हैं कि वह 2 फरवरी को घर से निकला था। उसके बाद से वापस घर नहीं लौटा। दिल्ली के बदरपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। कई सालों से दिल्ली में …
हरदोई। सालों से दिल्ली में रहते हुए वहीं मजदूरी करने वाले मजदूर का शव एक नहर में तैरता हुआ देखा गया। बताते हैं कि वह 2 फरवरी को घर से निकला था। उसके बाद से वापस घर नहीं लौटा। दिल्ली के बदरपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
कई सालों से दिल्ली में रहकर मजदूरी कर रहे थे विशंभर
बताया गया है कि कासिमपुर थाने के अटुका गांव निवासी 41 वर्षीय विशम्भर पुत्र सुमेरी कई सालों से दिल्ली में रहते हुए वहीं मज़दूरी करता था। मोडलबंद गांव थाना बदरपुर के मकान नंबर-116 में वह अपने परिवार वालों के साथ रहता था। 2 फरवरी की सुबह वह कुछ देर में लौट आने की बात कह कर घर से निकला था।
उसके बाद से वापस नहीं लौटा। घर वाले सारी रात उसकी राह ताकते रहे। विशम्भर के भाई जगजीवन लाल ने बताया कि अगले दिन 3 फरवरी को बदरपुर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी गई। अनहोनी को लेकर डरे-सहमे घर वाले गांव लौट आए। 4 फरवरी को बदरपुर इलाके में कुछ कबाड़ी कबाड़ इकट्ठा कर रहे थे।
शव घर में आते ही मचा कोहराम
इसी बीच उन्हें वही पास से निकली नहर में शव तैरता हुआ दिखाई दिया।इस बारे उन्होंने वहां आस-पास के लोगों को बताया। पुलिस ने शव बरामद किया। पुलिस ने दी गई तहरीर के मुताबिक उसने इस बारे में विशम्भर के भाई जगजीवन लाल को बताया। जगजीवन लाल दिल्ली पहुंचा।
जहां उसने शव की शिनाख्त अपने भाई विशम्भर के रूप में की। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उसके घरवालों के सुपुर्द कर दिया। विशम्भर का शव उसके गांव लाया गया। शव आते ही अटुका गांव में कोहराम मच गया। इसे ले कर लोगों के बीच तरह-तरह की बातें हो रही है।
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