बरेली में मायावती: दलितों के साथ मुसलमानों को साधने की कोशिश, बोलीं- सपा ने मुसलमानों को सिर्फ इस्तेमाल किया, भाजपा करती है जातिवाद
बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी के बरेली में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती मंडलीय चुनावी जनसभा के लिए पहुंचीं। उनका कार्यक्रम बीसलपुर रोड पर राधामाधव स्कूल के सामने मैदान में हुआ। मायावती को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। चुनाव आयोग की तरफ से जारी गाइडलाइन …
बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी के बरेली में सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती मंडलीय चुनावी जनसभा के लिए पहुंचीं। उनका कार्यक्रम बीसलपुर रोड पर राधामाधव स्कूल के सामने मैदान में हुआ। मायावती को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। चुनाव आयोग की तरफ से जारी गाइडलाइन क्या है…? मानो शायद किसी को मालूम ही न हो।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने यहां पर न सिर्फ विपक्षी पार्टियों पर हमला बोला- बल्कि दलितों के साथ मुसलमानों को साधने वाली राजनीति भी की। उन्होंने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा सरकार ने अपने पांच सालों में सिर्फ मुसलमानों को इस्तेमाल किया है। मगर जब उनके हक की बारी आई तो आंख दिखा गए। इसी के साथ उन्होंने भाजपा और कांग्रेस पर भी जमकर हमलेबाजी की। कहा कि ऐसा नहीं कि सिर्फ सपा ने ही मुस्लिमों को दुखी किया है बल्कि भाजपा सरकार में तो मुस्लिम काफी डरे हुए हैं।
सपा गुंडे माफियों की सरकार तो बीजेपी फैलाती है जातिवाद
कार्यक्रम में मायावती ने सपा और भाजपा पर वार करते हुए कहा कि सपा सरकार में कितना गुंडाराज होता है। यह सभी जानते हैं। सपा सरकार एक तरह से गुंडों और माफियों की सरकार है। कानून व्यवस्था एकदम चौपट हो जाती है। तो वहीं, बीजेपी वोट बैंक के नाम पर जातिवाद फैलाती है।
इस सरकार में गरीब के लिए कोई जगह नहीं, यह सिर्फ पूंजीवादियों की सरकर है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार में आज महिलाएं सुरक्षित नहीं है। दलितों और अन्य पिछड़े वर्ग के लोग को कोई योजनाएं नहीं, जो पुरानी योजनाएं थी भी उनका कोई लाभ उनके लिए नहीं मिला।
कांग्रेस किसी को नहीं जानती सम्मान देना
मायावती ने अपने भाषण में कहा कि कांग्रेस पार्टी किसी का भी सम्मान करना नहीं जानती। कांसीराम के देहांत होने के समय केंद्र में कांग्रेस की ही सरकार थी। मगर केंद्र ने उनके सम्मान में एक दिन का भी राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया। इतना ही नहीं, भारतीय संविधान के मूल निर्माता डॉ. भीम राव अम्बेडकर को भारत रत्न की उपाधि से भी कांग्रेस ने सम्मानित करना ठीक नहीं समझा। जबकि उस वक्त की केंद्र में कांग्रेस सरकार थी।
2 बजकर 29 मिनट पर लैंड हुआ हेलिकॉप्टर
मायावती का कार्यक्रम वैसे तो दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने का बताया गया। मगर दोपहर 2 बजकर 29 मिनट पर उनका हेलिकॉप्टर कार्यक्रम स्थल पर लैंड हुआ। इसके बाद वह करीब 8 मिनट बाद 2 बजकर 37 मिनट पर स्टेज पर पहुंचीं। जिसके बाद उन्होंने जनता को संबोधित करना शुरू किया।
उपवास रखकर वोटिंग करने की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोगों से अपील की कि 14 फरवरी यानि मतदान वाले दिन। सभी लोग सुबह उठकर सबसे पहले अपने पोलिंग बूथ पर जाएंगे और बसपा के लिए वोट करेंगे। उन्होंने कहा कि यहां पर सभी शपथ लेंगे कि मतदान वाले दिन उपवास रखकर ही सभी वोटिंग करेंगे। जिसके बाद कार्यक्रम स्थल पर लोगों की गूंज शुरु हो गई।
राजनीतिक द्वेष से मुकदमे होंगे वापस
मायावती ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बसपा पांचवी बार सत्ता में आएगी तो बीजेपी और सपा सरकार में राजनीतिक द्वेष और धरना प्रदर्शन के मामलों में जिन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज है उन्हें वापस लिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बेरोजगारों युवाओं किसानों को भी आकर्षित करने के लिए तमाम वादे किए। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश में रोजगार के अवसर और किसानों को फसलों के उचित दाम का भी वादा किया।
बदायूं जिले के लोगों से ज्यादा है लगाव
पूर्व मुख्यमंत्री बोलीं उनका बरेली मंडल में बदायूं जिले से विशेष लगाव है। क्योंकि जब वह चुनाव लड़ी थी तो बदायूं के लोगों ने उन्हें जमकर जिताया था। इसलिए इसलिए सत्ता आने पर बरेली मंडल के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी। करीब अपने आधे घंटे के संबोधन के बाद मायावती ने लोगों से एक बार फिर बीएसपी को वोट करने की अपील की।
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