ब्रिटेन-आयरलैंड 2030 विश्व कप की बोली से पीछे हटे, यूरो 2028 पर लगाएंगे ध्यान
लंदन। ब्रिटेन और आयरलैंड ने 2030 फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी की संयुक्त बोली की योजना से सोमवार को पीछे हटने का फैसला किया और इसकी जगह दोनों देश 2028 यूरोपीय चैंपियनशिप का आयोजन करने की दावेदारी पेश करेंगे। फीफा के शीर्ष पुरुष टूर्नामेंट के आयोजन की दावेदारी की अगुआई इंग्लिश फुटबॉल संघ कर रहा …
लंदन। ब्रिटेन और आयरलैंड ने 2030 फुटबॉल विश्व कप की मेजबानी की संयुक्त बोली की योजना से सोमवार को पीछे हटने का फैसला किया और इसकी जगह दोनों देश 2028 यूरोपीय चैंपियनशिप का आयोजन करने की दावेदारी पेश करेंगे। फीफा के शीर्ष पुरुष टूर्नामेंट के आयोजन की दावेदारी की अगुआई इंग्लिश फुटबॉल संघ कर रहा था। इंग्लैंड इससे पहले 2018 टूर्नामेंट की मेजबानी की दौड़ में 2010 में पिछड़ गई थी जिसकी प्रक्रिया दागी रही थी।

ब्रिटेन के पांच संघों ने बयान में कहा, ”व्यावहारिकता अध्ययन में आर्थिक प्रभाव, राजनीतिक फुटबॉल पृष्ठभूमि और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के आयोजन को लेकर संभावित खर्चों का विश्लेषण शामिल हैं।”

उन्होंने कहा, ”पांच संघों ने फैसला किया है कि वे पूरी तरह से ध्यान यूएफा यूरोप 2028 की मेजबानी की आधिकारिक बोली पर लगाएंगे और सहमत हुए हैं कि 2030 फीफा विश्व कप के लिए बोली नहीं लगाएंगे।” इस फैसले से स्पेन और पुर्तगाल का दावा मजबूत होगा जो 2030 की संयुक्त बोली पर विचार कर रहे हैं।
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