बरेली: चुनाव में लगी की-होल्डर्स की ड्यूटी, उपभोक्ताओं को होगी परेशानी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव में भारी संख्या में बैंक कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें हेड कैशियर की-होल्डर्स की भी शामिल हैं। जिससे चुनाव के आसपास की तारीखों में आम जनता को बैंक संबंधित काम प्रभावित होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके पीछे मुख्य कारण है कि हेड कैशियर के …

बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव में भारी संख्या में बैंक कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें हेड कैशियर की-होल्डर्स की भी शामिल हैं। जिससे चुनाव के आसपास की तारीखों में आम जनता को बैंक संबंधित काम प्रभावित होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके पीछे मुख्य कारण है कि हेड कैशियर के पास तिजोरी की चाभी रहती है।
बरेली ट्रेड यूनियन फेडरेशन के महामंत्री संजीव मेहरोत्रा ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में काफी की-होल्डर की ड्यूटी लगाई गई थी, तब यूनाइटेड फोरम के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मिलकर इन ड्यूटी को कटवा दिया था। चुनाव आयोग के निर्देश थे कि बैंक-बीमा के उन कर्मचारियों की ड्यूटी न लगे जो की-होल्डर्स हैं।

उनकी ड्यूटी लगने से सामान्य काम भी प्रभावित होना शुरू हो जाएंगे। लेकिन बावजूद इसके इस विधानसभा चुनाव में की होल्डर्स की ड्यूटी लगा दी है। जिससे बैंक में होने वाले नकद, जमा, फंड ट्रांसफर, डिमांड ड्राफ्ट बनवाना, विभिन्न विभागों के टैक्स की देयता, लोन किस्त समायोजन, लॉकर ऑपरेशन, लोन के नए आवेदन पर विचार, चेक क्लियरिंग समेत अन्य आवश्यक काम भी प्रभावित रहने की आशंका जताई जा रही है।
एटीएम खाली होने की उम्मीद
जनपद में कार्यरत एटीएम में से अधिकांश एटीएम खाली भी हो सकते है। बैंककर्मियों के अनुसार इस बार के विधानसभा चुनाव में हैड कैशियर (की होल्डर्स) की ड्यूटी लगाना मुख्य कारण मान रहे हैं। क्योकिं हेड कैश्यिर की अनुपस्थिति में नगदी से जुड़े कार्य नए व्यक्ति को संभालने होंगे। इस बात की उम्मीद कम ही है कि जिन एटीएम को शाखा से फंडिंग होती है, वो प्रक्रिया सुचारू रूप से चल पाएं।

इन व्यापार से जुड़े लोगों को हो सकती परेशानी
बैंकों में कार्य प्रभावित होने से पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल वितरक, बड़ी कंपनियों के वितरक सहित, रिटेल के बड़े काउंटर जिनके यहां नगद का काम बड़े पैमाने पर होता है, उनको शाखाओं में कैश जमा करा पाने में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

ये  भी पढ़ें-

बरेली: तो क्या गर्मियों में नसीब होंगे स्कूली बच्चों को स्वेटर व जूते-मोजे

संबंधित समाचार