पीलीभीत: बिना अनुमति लगा दिए भाजपा के झंडे, अज्ञात पर एफआईआर
पीलीभीत, अमृत विचार। आचार संहिता के बीच शहर के कई इलाकों में भारतीय जनता पार्टी के झंडे लगवा दिए। इसकी कोई अनुमति भी प्रशासन से नहीं ली गई थी। एफएसटी टीम ने भ्रमण के दौरान लगाए गए झंडों को उतरवाकर नगर पालिका में रखवा दिया। मामले में आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ …
पीलीभीत, अमृत विचार। आचार संहिता के बीच शहर के कई इलाकों में भारतीय जनता पार्टी के झंडे लगवा दिए। इसकी कोई अनुमति भी प्रशासन से नहीं ली गई थी। एफएसटी टीम ने भ्रमण के दौरान लगाए गए झंडों को उतरवाकर नगर पालिका में रखवा दिया। मामले में आचार संहिता उल्लंघन की रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई है। अब पुलिस झंडा लगाने वाले व्यक्ति तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों से सुरागरसी में जुटी है।
विधानसभा चुनाव को लेकर जनपद में चार सीटों पर 23 फरवरी को मतदान होना है। आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसका पालन कराने के लिए टीमें अलर्ट है। बीते दिनों बिना अनुमति शहर के कई इलाकों में बिजली के खंभों आदि पर भाजपा के झंडे लगा दिए गए थे। सोमवार रात एफएसटी और पुलिस टीम भ्रमण पर थी।
अफसर भी सड़कों पर आचार संहिता का पालन कराने के लिए निकले हुए थे। बिजली घर तिराहा से लाल रोड पर हर तरफ झंडे लगे मिले। यहां तक की बिजली घर की सरकारी बिल्डिंग और खंभों पर भी झंडे लगा दिए गए थे। इसे गंभीरता से लेते हुए अफसरों ने कार्रवाई के आदेश दिए।
जिसके बाद पुलिस बल की मौजूदगी में एफएसटी टीम के सदस्यों ने झंडे उतारे और कब्जे में लेकर नगर पालिका भिजवा दिए। प्रभारी मजिस्ट्रेट राममिलन राना ने मामले में सुनगढ़ी थाने में तहरीर दी। जिसके बाद कार्रवाई की गई। इसी तरह की एक एफआईआर झंडे लगाने को लेकर कोतवाली में भी दर्ज कराई गई है। इसमें भी झंडे लगाने वाले की पहचान नहीं हो सकी है। अज्ञात को आरोपी बनाया गया है। सीओ सिटी सुनील दत्त ने बताया कि अज्ञात के खिलाफ 171-एच धारा के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। दरोगा निर्देश कुमार को तहरीर दी गई है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
रक्षा मंत्री के स्वागत में लगाए गए थे झंडे
पुलिस-प्रशासन की ओर से भले ही अब झंडे उतरवाकर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई हो। पुलिस छानबीन के बाद झंडे लगाने वाले पर कार्रवाई की बात करे, लेकिन अधिकांश झंडे बीते दिनों रक्षामंत्री के आगमन पर उनके स्वागत में ही लगा दिए गए थे।इसी के साथ ही शहर के कई इलाकों में भाजपा के झंडे दिखाई देने लगे थे। उन पर जब स्थानीय पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया तो झंडों की संख्या भी बढ़ती चली गई थी। ऐसे में कहीं न कहीं पुलिस की कमी भी कम नहीं रही थी।
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