मुरादाबाद : चुनाव ड्यूटी से बचने को कार्मिकों की लापरवाही आई सामने, प्रेक्षक ने लगाई फटकार

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मुरादाबाद, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव की ड्यूटी से बचने के लिए कार्मिकों ने लापरवाही के सारी हदें पार कर दी। इसका खुलासा मंगलवार को माइक्रो ऑब्जर्वर के सामने तब हुआ जब प्रशिक्षण को बीच में छोड़कर शिक्षिका पोस्टल बैलट से वोट डालने पहुंची, वहीं राजकीय पॉलीटेक्निक में चुनाव प्रशिक्षण से मंगलवार को 67 कार्मिक भी …

मुरादाबाद, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव की ड्यूटी से बचने के लिए कार्मिकों ने लापरवाही के सारी हदें पार कर दी। इसका खुलासा मंगलवार को माइक्रो ऑब्जर्वर के सामने तब हुआ जब प्रशिक्षण को बीच में छोड़कर शिक्षिका पोस्टल बैलट से वोट डालने पहुंची, वहीं राजकीय पॉलीटेक्निक में चुनाव प्रशिक्षण से मंगलवार को 67 कार्मिक भी नदारद रहे। मौके पर निरीक्षण कर रही माइक्रो ऑब्जर्वर ने शिक्षिका को जमकर फटकार लगाई। ऐसे में शिक्षिका अपनी छोटी बेटी की तबीयत खराब होने का हवाला देती रही, लेकिन उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए दूसरी पाली में प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए। अधिकारियों को भी जांच करने के लिए कहा।

महिला व पुरुष पॉलीटेक्निक में मतदानकर्मियों को प्रशिक्षण व वोटिंग का काम चल रहा है। ऐसे में कुछ कर्मी हाजिरी लगाकर कुछ देर बार बहाना बनाकर बीच में ही निकल जाते हैं। मंगलवार को कांठ माइक्रो ऑब्जर्वर अलका श्रीवास्तव महिला पॉलीटेक्निक में मतदान कक्ष का निरीक्षण करने पहुंचीं। इस दौरान पहली पाली में प्रशिक्षण ले रही महिला वोट डालने पहुंची।

उन्होंने महिला से पूछताछ की तो सामने आया कि वह शिक्षिका है और पहली पाली में प्रशिक्षण लेने आई थी। ऐसे में उन्होंने शिक्षा से पूछा ही प्रशिक्षण पूरा हो गया, तब शिक्षिका ने बताया कि अभी बेटी छोटी है, उसकी तबीयत खराब है, इसलिए वोट डालकर घर जा रही है। इस पर ऑब्जर्वर ने पूछा ही प्रशिक्षण में क्या सीखा है? मतदान केंद्र पर पी-1 का क्या काम होता है? इसका शिक्षिता जवाब नहीं दे पाई। ऑब्जर्वर श्रीवास्तव ने शिक्षिका की जमकर फटकार लगाई और मौके पर मौजूद अल्पसंख्यक अधिकारी व डीपीओ के सामने नाराजगी जताई। उन्होंने महिलाओं को दूसरी पाली में प्रशिक्षण लेने के निर्देश। अधिकारियों को प्रशिक्षण बीच में छोड़ने वाले कर्मिकों पर नजर रखने के निर्देश दिए।

गैरहाजिरों को आज अंतिम मौका
राजकीय पॉलीटेक्निक में चुनाव प्रशिक्षण में मंगलवार को 67 कार्मिक नदारद रहे। गैरहाजिर कार्मिकों को बुधवार को अंतिम मौका दिया गया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। सीडीओ आनंद वर्धन ने बताया कि पांच फरवरी से राजकीय महिला व पुरुष पॉलीटेक्निक में प्रतिदिन प्रशिक्षण में 2840 कार्मिकों को बुलाया जा रहा है, जिसमें से 2773 ने प्रशिक्षण प्राप्त किया, जबकि 67 अनुपस्थित रहे। अनुपस्थित कर्मियों को निर्देशित किया कि वह नौ फरवरी को प्रशिक्षण प्राप्त कर लें अन्यथा उन्हें निर्वाचन कार्य से अनुपस्थित मानकर प्राथमिकी दर्ज करा दी जाएगी।

ड्यूटी कटवाने के लिए गुहार जारी
विकास भवन में चुनाव ड्यूटी करने वाले कार्मिकों की भीड़ उमड़ी रही है। कार्मिक तरह-तरह की परेशानियां बताकर ड्यूटी कटवाने की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे में स्टेनो गोविंद सिंह सीडीओ द्वारा प्राप्त निर्देशों का हवाला देकर कार्मिकों के प्रार्थना पत्र अस्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीडीओ पॉलिटेक्निक में मौजूद रहे अपनी परेशानी और प्रार्थना पत्र उनके समक्ष ही प्रस्तुत करें। उन्हें प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं करने के आदेश हैं। अब किसी की भी ड्यूटी नहीं कटेगी।

50 कार्मिकों ने ही दिया गैरहाजिर होने का स्पष्टीकरण
प्रथम चरण के विस चुनाव के प्रशिक्षण से नदारद कर्मी नोटिस का जवाब भी देना उचित नहीं समझ रहे हैं। आलम ये है कि चार फरवरी को सीडीओ ने 139 गैरहाजिर कार्मियों को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा था, लेकिन मात्र 50 कार्मिकों ने ही नोटिस का स्पष्टीकरण दिया है। ऐसे में अन्य कार्मियों के खिलाफ कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। मुख्य विकास अधिकारी आनंद वर्धन ने बताया कि विधानसभा चुनाव को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 21 जनवरी से 25 जनवरी तक राजकीय महिला पॉलिटेक्निक में कार्मिकों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में सभी कार्मिकों को अनिवार्य रूप से मौजूद रहने के निर्देश दिए गए थे। प्रशिक्षण शिविर में 6500 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाना था। प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद पाया गया कि प्रशिक्षण शिविर में 139 कार्मिक गैरहाजिर रहे। सभी गैरहाजिर कर्मियों को नोटिस जारी करते हुए चेतावनी दी गई कि 7 फरवरी तक उपयुक्त कारण के साथ स्पष्टीकरण दें। स्पष्टीकरण न देने पर उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। सीडीओ ने बताया कि मंगलवार तक 50 कार्मियों का स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ है। शेष 89 कार्मिको के खिलाफ वेतन कटौती व एफआईआर दर्ज आदि कार्रवाई की जाएगी।

केंद्रों पर तैनाती तो आपके बच्चों की देखभाल करेंगी आंगनबाड़ी
विस चुनाव में ड्यूटी करने वाली महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। इस बार महिलाओं को अपने छोटे बच्चों की चिंता से निजात मिलेगी। क्योंकि ड्यूटी के समय तक बच्चों की देख-रेख की जिम्मदारी मतदान सखी की भूमिका में आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं की रहेगी। इसके लिए सीडीओ ने निर्देश जारी किए हैं। जिले में 14 फरवरी को मतदान है। चुनाव को निविघ्न संपन्न कराने के लिए 11740 कर्मियों की बूथों पर ड्यूटी लगाई गई है। 13 फरवरी को पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। सीडीओ आनंदवर्धन ने बताया कि मतदान केंद्रों पर नौनिहालों की माताओं के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। इन बूथों पर निर्वाचन आयोग के आदेश पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका तैनात की हैं। आंगनबाडी कार्यकत्रियों व सहायिकाओं को निर्देशित किया गया है कि 13 फरवरी की शाम को पहुंचने वाली पोलिंग पार्टी में मतदान केंद्रों पर जाकर महिला मतदान अधिकारी से संपर्क करें और उनके प्रवास आदि में मतदान सखी के रूप में सहायता करें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बूथ पर मतदान के लिए पहुंचने वाली महिलाओं के बच्चों को संभालेंगी। इसके लिए बाकायदा प्रबंध किया जाएगा।

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