सपा की सोच अलगाववादी संगठनों की तरह : अरुण सिंह
मुरादाबाद, अमृत विचार। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने सपा को अलगाववादी संगठनों की तरह कार्य करने का आरोपी ठहराया। बोले, कर्नाटक में हिजाब और बुर्का पहनकर स्कूल जाने पर रोक है। लेकिन एसडीपीआई वहां तुष्टीकरण के लिए कार्य कर रहा है। यह संगठन पीएफआई जैसा संगठन है, इसे कांग्रेस का संरक्षण है। कांग्रेस …
मुरादाबाद, अमृत विचार। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने सपा को अलगाववादी संगठनों की तरह कार्य करने का आरोपी ठहराया। बोले, कर्नाटक में हिजाब और बुर्का पहनकर स्कूल जाने पर रोक है। लेकिन एसडीपीआई वहां तुष्टीकरण के लिए कार्य कर रहा है। यह संगठन पीएफआई जैसा संगठन है, इसे कांग्रेस का संरक्षण है।
कांग्रेस कर्नाटक में सत्ता से बाहर है, इसीलिए वहां का सौहार्द्र खराब कराने में जुटी है। भाजपा के कर्नाटक प्रभारी सिंह से बुधवार को यह बात संगठन के जिला कार्यालय पर पत्रकार वार्ता में कही। कहा, कर्नाटक के उड़ुपी शहर से सटे कुंदापुरा के विद्यालय में साल 201से ड्रेस कोड जारी है। वहां सुनियोजित तरीके से माहौल खराब करने का प्रयास हो रहा है। उस विद्यालय में 1000 छात्राए हैं, जिसमें 900 हिंदू समुदाय की है।
कहा कि कुंडापुरा के स्थानीय चुनाव में एडीपीआई ने दो सीटें जीती हैं। वह देश में शरिया कानून का पक्षधर है। उसी संगठन के इशारे पर पहले एक लड़की को बुर्का में स्कूल भेजा गया। प्रधानाचार्य ने ड्रेस पर आपत्ति की तो पांच लड़कियां हिजाब-बुर्का पहनकर स्कूल गयीं। बाद में 10 लड़कियां स्कूल पहुंच गयीं। लड़कियों को हिजाब में स्कूल भेजवाने वाले संगठन ने इस मामले का प्रचार कराया।
मीडिया में इस प्रकरण को लेकर इंटरव्यू दिलवाने वालों का उद्देश्य कर्नाटक में इस्लामिक कट्टरपंथ लागू करने का है। जब कर्नाटक सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया तो कांग्रेस इसे मुद्दा बना रही है। तर्क दिया कि जो कांग्रेसी की सोच है, वही मानसिकता सपा के लोगों की भी है। इन पार्टियों ने तुष्टिकरण की राजनीति से विद्यालय को भी दूर नहीं रखा है। ऐसे मामलों को लेकर कोर्ट में मुकदमें चल रहे हैं। आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों छात्राओं को बुर्का-हिजाब में विद्यालय भेजवाकर सौहार्द्र खराब कराना चाहती हैं। जबकि, भाजपा का विश्वास है कि ऐसे लोगों के मंसूबे कामयाबी नहीं पाएंगे।
