मुरादाबाद : धोखाधड़ी कर बैंक खातों से रकम निकालने वाले गैंग के तीन आरोपी गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइंस पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो धोखाधड़ी करके बैंक खातों से लोगों की रकम उड़ा लेता था। इस गैंग में शामिल जीजा-साले समेत तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। गिरोह का मास्टरमाइंड अभी पुलिस के हत्थे …
मुरादाबाद, अमृत विचार। सिविल लाइंस पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो धोखाधड़ी करके बैंक खातों से लोगों की रकम उड़ा लेता था। इस गैंग में शामिल जीजा-साले समेत तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है। गिरोह का मास्टरमाइंड अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है।
बुधवार को एसएसपी बबलू कुमार और एएसपी सागर जैन ने तीनों आरोपियों को मीडिया के समक्ष पेश किया। एसएसपी ने बताया कि 24 जनवरी को मुंबई के पीडी हिंदूजा मार्ग खार वेस्ट स्थित कैनरा बैंक की शाखा के वरिष्ठ प्रबंधक अखिलेश कुमार ने शिकायती पत्र भेजकर जांच कर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
बताया था कि मुंबई निवासी परवेंद्र कौर सेठी ने अपने कैनरा बैंक के खाते से आरटीजीएस के माध्यम से रोहित धवन के खाते में पांच लाख रुपये नेफ्ट किया था। इसमें छेड़छाड़ करके मुरादाबाद के सिविल लाइंस थानाक्षेत्र की एमडीए कालोनी दीनदयाल नगर निवासी गौरव शर्मा पुत्र हरीशचंद्र शर्मा के यूनियन बैंक के खाते में जमा कराकर निकाल लिए गए। इस मामले की जांच कराई तो आरोप सही पाए गए। इसके बाद सिविल लाइंस थाने में गौरव शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया।
मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर क्राइम उदयवीर सिंह ने बताया कि बुधवार को आरोपी गौरव शर्मा को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। इसके बाद गौरव शर्मा के खिलाफ नवीन नगर निवासी अखिल शर्मा पुत्र स्व. बलेश कुमार शर्मा और उसके दोस्त आदर्श कालोनी निवासी सागर चंद्र पुत्र उमेश चंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका गिरोह सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगने का काम करता है। गिरोह का सरगना सागर चंद्र का बहनोई नावेद पटेल है। वह मुंबई के मलाड में रहता है। इसके तहत आरोपियों ने परेंवद्र कौर से पांच लाख रुपये गौरव शर्मा के खाते में नेफ्ट कराया और उस रकम को अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।
इस तरह काम करता था गैंग
पुलिस के हत्थे चढ़ा ठगों का यह गैंग किसी तरह चैक हासिल करता था। इसके बाद उसे स्कैन करके नाम व खाता नंबर बदल देता था। यह सारा काम मुंबई में बैठा नावेद पटेल करता था। खिल शर्मा मध्यस्थता की भूमिका निभाता था। लोगों को किराए के मकान दिलाने वाले गौरव शर्मा को अपना खाता नंबर इस्तेमाल कराने के एवज में 10 से 15 हजार रुपये दिए गए थे। मध्यस्थ अखिल शर्मा के हिस्से में 40 हजार रुपये आए थे। सबसे ज्यादा रकम नावेद पटेल के हिस्से में आती थी।
बैंक कर्मियों की भूमिका संदिग्ध, होगी जांच
एसएसपी ने बताया कि इस पूरे मामले में बैंक कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध प्रतीत हो रही है। इसलिए उनकी भी जांच कराई जाएगी। अभी आरोपियों से रकम भी बरामद नहीं हो सकी है। इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। साथ ही गिरोह के सरगना नावेद पटेल को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। नावेद पटेल की गिरफ्तारी के बाद ही मामला पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा। इस मामले में मुंबई पुलिस का सहयोग भी लिया जाएगा।
