यूपी विधानसभा चुनाव 2022: अखिलेश यादव ने पीएम मोदी के लिए किया ट्वीट, कहा ‘झूठ भी शरमाकर…

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लखनऊ।  पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है। चुनाव के बीच कल पीएम मोदी ने एएनआई के इंटरव्‍यू में अखिलेश यादव और जंयत चौधरी की जोड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दो लड़कों वाला खेल तो हमने पहले भी देखा है। पीएम के इस इंटरव्‍यू के बाद समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष …

लखनऊ।  पहले चरण का मतदान शुरू हो गया है। चुनाव के बीच कल पीएम मोदी ने एएनआई के इंटरव्‍यू में अखिलेश यादव और जंयत चौधरी की जोड़ी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दो लड़कों वाला खेल तो हमने पहले भी देखा है।

पीएम के इस इंटरव्‍यू के बाद समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने एक ट्वीट पर शायराना अंदाज में तंज कसते हुए लिखा- ‘झूठ भी शरमाकर… पिछले दरवाज़े से मुँह ढँककर निकल गया… जब वो दुनिया से रूबरू हुए…।’

पीएम ने 2017 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव और राहुल गांधी की जोड़ी की ओर इशारा करते हुए पीएम ने कहा था कि इतना अहंकार था कि उन्हें ‘गुजरात के दो गधे’ यह शब्द का प्रयोग किया था और उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें हिसाब दिखा दिया।

‘गुजरात के दो गधे’ का शब्द कहा से मिला
यह शब्द मिला था गुजरात के टूरिज्म के एक विज्ञापन से जिसमें अमिताभ बच्चन कच्छ के छोटा रण में रहने वाले जंगली गधों के बारे में बताते हैं। वह इन गधों की तारीफ करते हुए पर्यटकों को गुजरात आने को कहते हैं। अखिलेश यादव ने इसी प्रचार को लेकर तंज कसा था।

अखिलेश ने करा कमेंन्टस
हम तो सदी के सबसे बड़े महानायक से निवेदन करेंगे कि आप गुजरात के गधों का प्रचार मत करिए। जिन्होंने ऐड देखा होगा जानते होंगे, बताओ कहीं गधों का भी प्रचार होता है क्या। गधों का प्रचार होने लगा तो कैसे काम चलेगा। गुजरात के लोग तो गुजरात के गधों का भी प्रचार करा रहे हैं और हम पर आरोप लगा रहे हैं कि हमने केवल कब्रिस्तान के लिए काम किया है।

मोदी का जवाब पड़ा सपा पर भारी
पीएम मोदी ने इसके बाद इसे मुद्दा बना लिया था। जिसका जिक्र मोदी ने सभी रैलियों में करने लगे। जिसके बाद सपा को अखिलेश के तंज का नुकसान उठाना पड़ा। पीएम ने कहा था, ”अखिलेश जी को पता नहीं है, गधा भी हमें प्रेरणा देता है। अगर दिल दिमाग साफ हो तो प्रेरणा ले भी सकते हैं। गधा अपने मालिक का वफादार होता है। गधा से जितना मालिक काम ले उतना काम करता है। गधा कम से कम खर्च वाला होता है। गधा कितना ही बीमार हो, खाली पेट हो, कितना ही थका हुआ हो, लेकिन मालिक अगर उससे काम लेता है तो सहन करते हुए भी मालिक का काम पूरा करता है। अखिलेश जी यह सवा सौ करोड़ देशवासी मेरे मालिक हैं। वो मुझसे जितना काम लेते हैं मैं करता हूं, बिना छुट्टी लिए करता हूं, थक जाता हूं तो भी करता हूं। कभी भूखा रहा तो भी करता हूं क्योंकि गधे से प्रेरणा लेता हूं और बड़े गर्व से लेता हूं ताकि इन सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए गधे से भी ज्यादा मजदूरी करके उनके काम आऊं इस गौरव से काम करता हूं।”

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