लर्निंग डिसेबिलिटी की पहचान से अक्षम बच्चे का किया जा सकता है शैक्षिक प्रबंधन: अर्पिता चटर्जी
गोरखपुर। आज बहुत बड़ी संख्या में बच्चों में अधिगम अक्षमता के लक्षण पाए जाते हैं। जिसकी वजह से उनको लिखने, पढ़ने, समझने तथा अंक गणित में भी समस्या होती है। उचित शिक्षण सामग्री शिक्षण रणनीति के द्वारा ऐसे बच्चों का शैक्षिक प्रबंधन किया जा सकता है। विशेषकर जिन बच्चों की प्रत्यक्षीकरण की समस्या है उनके …
गोरखपुर। आज बहुत बड़ी संख्या में बच्चों में अधिगम अक्षमता के लक्षण पाए जाते हैं। जिसकी वजह से उनको लिखने, पढ़ने, समझने तथा अंक गणित में भी समस्या होती है। उचित शिक्षण सामग्री शिक्षण रणनीति के द्वारा ऐसे बच्चों का शैक्षिक प्रबंधन किया जा सकता है। विशेषकर जिन बच्चों की प्रत्यक्षीकरण की समस्या है उनके लिए सुधारित शिक्षण सामग्री का इस्तेमाल करना चाहिए।

ई-परामर्श श्रृंखला 167 के दौरान वक्ता ने कही बात
यह बातें बतौर मुख्य वक्ता सुश्री अर्पिता चटर्जी, सहायक प्राध्यापक, भाषा और वाणी विभाग, श्री गुरु राम दास विश्वविद्यालय, अमृतसर, पंजाब ने सीआरसी गोरखपुर द्वारा अधिगम अक्षम बच्चों की पहचान तथा प्रबंधन विषय पर आयोजित ई-परामर्श श्रृंखला 167 के दौरान कही। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान के निदेशक डॉ हिमांग्शु दास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
आनलाइन माध्यम से 100 लोगों ने किया कार्यक्रम में प्रतिभाग
इस दौरान कार्यक्रम समन्वयक और सीआरसी गोरखपुर की रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर रवि कुमार ने कहा कि अधिगम अक्षमता की समस्या से ग्रसित बच्चों की अधिगम की कमी को दूर करने के लिए तथा उनके अभिभावकों को प्रशिक्षित करने के लिए सीआरसी गोरखपुर ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया है।
आज के कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार गुप्ता, प्रवक्ता भौतिक चिकित्सा सीआरसी गोरखपुर ने किया। प्रश्नोत्तर काल तथा फीडबैक रॉबिन ने किया। ऑनलाइन माध्यम से लगभग 100 लोगों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
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