उन्नाव: पूर्व राज्यमंत्री का बेटा ही निकला दो माह से गायब युवती का हत्यारा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

उन्नाव। दो माह से गायब युवती की हत्या पूर्व राज्य मंत्री स्वर्गीय फतेहबहादुर सिंह के बेटे अरुण सिंह ने की थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। इस घटना के खुलासे से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने सदर कोतवाली क्षेत्र में कांशीराम कालोनी में रहने वाली 22 वर्षीय युवती …

उन्नाव। दो माह से गायब युवती की हत्या पूर्व राज्य मंत्री स्वर्गीय फतेहबहादुर सिंह के बेटे अरुण सिंह ने की थी। पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है। इस घटना के खुलासे से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने सदर कोतवाली क्षेत्र में कांशीराम कालोनी में रहने वाली 22 वर्षीय युवती का शव गुरुवार दोपहर पुलिस ने शहर के कब्बाखेडा स्थित दिव्यानंद आश्रम के समीप खोदाई के दौरान बरामद किया है। युवती की मां ने बेटी के अपहरण की तहरीर पूर्व राज्य मंत्री के बेटे के खिलाफ कोतवाली में दी थी।

पुलिस ने अपहरण न दर्जकर गुमशुदगी की रिपोर्ट की थी दर्ज

पुलिस ने अपहरण न दर्ज कर गुमशुदगी में रिर्पोट दर्ज करी थी। जिस पर पीड़ित मां ने लखनऊ में पूर्व सीएम अखिलेश यादव के काफिले के आगे कूदकर कार्यवाही की मांग की थी। हरकत में आई पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशान देही पर उसी के पिता के आश्रम के बगल से शव को बरामद किया है।

सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कांशीराम में रहने वाली रीता की 22 वर्षीय बेटी पूजा बीते दिसंबर माह से गायब थी। पीडित मॉ ने 8 दिसंबर को कोतवाली में तहरीर देकर गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। जिसमें पूर्व राज्यमंत्री व सहकारी बैंक के चेयरमैन स्वर्गीय फतेहबहादुर सिंह के बेटे अरूण सिंह उर्फ रजोल पर अपहरण करने का आरोप लगाया था।

पुलिस ने मामले में बरती थी लापरवाही

आरोप के वक्त पुलिस ने मामले को गंभीरता से नही लिया था। 11 जनवरी को मामला एससी एसटी कोर्ट में जाने से  सीओ ने मुकदमा तरमीम किया था। पीडित मां अफसरों की चैखट पर न्याय की गुहार लगाती रही। मामला उस वक्त सुर्खियो में आ गया जब 24 जनवरी को लखनऊ में पूर्व सीएम अखिलेश यादव के काफिले के आगे माँ सीता कूद गई थी।

उन्नाव से लेकर लखनऊ में मच गया था हड़कंप

जिससे लखनऊ से लेकर उन्नाव तक हडकंप मच गया था। एक्शन में आई पुलिस ने 25 जनवरी को रजोल सिंह को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। जिसके बाद युवती का पता नहीं चल सका था। बीते 4 फरवरी को पुलिस ने आरोपी को पीसीआर रिमांड पर लेकर पूछताछ की लेकिन सफलता नहीं मिली।

गुरूवार पुलिस को तमाम साक्ष्यों के आधार पर जानकारी हुई कि शहर के कब्बा खेडा स्थित दिव्या नंद आश्रम के पीछे एक युवती का शव गडा हुआ है। जिस पर सदर कोतवाली पुलिस स्वाट टीम के सभी पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर खुदाई शुरू करवा दी है। करीब 3 फीट गड्ढा खोदने पर युवती का शव कंबल में लिपटा हुआ बरामद हुआ है।

पुलिस ने आरोपी को भेज दिया था जेल

सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शव की शिनाख्त बेटी पूजा के रूप में कर हंगामा काटने लगे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के काफी समझाने बुझाने के बाद परिजन शांत हो गए। उसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामले को गंभीर देख घटना स्थल पर पहुंचे एसपी दिनेश त्रिपाठी ने अधिकारियों से जानकारी हासिल की।

किसी आरोपी को नहीं बख्शेगी पुलिस: एएसपी

एएसपी शशिशेखर सिंह ने बताया कि एक युवती की बीते 8 दिसंबर को गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज हुई थी। उसके बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। मामले की जांच की जा रही थी। इसी दौरान आरोपी व अन्य साक्ष्यों के आधार पर गुरूवार को युवती का शव बरामद हुआ है।

घटना में शामिल आरोपियों को बख्शा नही जाएगा। पुलिस अधीक्षक दिनेश त्रिपाठी ने युवती के मामले में देर रात शहर कोतवाल अखिलेश चंद पाण्डेय को आरोपी की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने पर लाइन हाजिर कर दिया है।

यह भी पढ़ें: लखनऊ: वेलेंटाइन वीक में हनी ट्रैपिंग और साइबर फ्रॉड के मामले आ रहे सामने, रहें सावधान

 

संबंधित समाचार