मुरादाबाद : अब मिग-21 के बारे में जानकारी हासिल करेंगे प्रशिक्षु

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मुरादाबाद, अमृत विचार। डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण हासिल करने वाले प्रशिक्षुओं को अब मिग-21 के संबंध में जानकारी दी जाएगी। अभी तक प्रशिक्षुओं को द्वितीय विश्व युद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के संबंध में जानकारी दी जाती थी। मिग विमान पुलिस अकादमी पहुंचने के बाद उसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की …

मुरादाबाद, अमृत विचार। डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण हासिल करने वाले प्रशिक्षुओं को अब मिग-21 के संबंध में जानकारी दी जाएगी। अभी तक प्रशिक्षुओं को द्वितीय विश्व युद्ध की शान रहे हरिकेन विमान के संबंध में जानकारी दी जाती थी। मिग विमान पुलिस अकादमी पहुंचने के बाद उसे पाठ्यक्रम में शामिल करने की कवायद पूरी हो गई है। जबकि हरिकेन विमान को वायु सेना के मुख्यालय भेजा जा चुका है।

द्वितीय विश्व की शान रहा था हरिकेन विमान
दरअसल द्वितीय विश्वयुद्ध (1936-1945) के बीच लड़ा गया। तब हरिकेन विमान इंग्लैंड की सेना का प्रमुख युद्धक विमान में गिना जाता था। इस युद्ध में विमान की सफलता के बाद इसको खरीदकर भारतीय वायुसेना में भी शामिल कर लिया गया था। इसकी अधिकतम गति साढ़े पांच किमी प्रति घंटा थी। 22 हजार फीट की उंचाई पर उड़ान भरने की क्षमता 480 किमी थी। इसके अतिरिक्त ईंधन के साथ उड़ान क्षमता 1585 किमी थी। मशीन गन से लैस यह विमान 227 किलो का बम भी ले जा सकता था। यह विमान सिविल लाइंस क्षेत्र के चक्कर की मिलक में 1967 में आपात स्थिति में मुरादाबाद में उतारा गया था। जीर्णोद्धार के बाद विमान को पुलिस अकादमी में रखवा दिया गया था। इसके बाद इसे 23वीं वाहिनी पीएसी के सुपुर्द कर दिया गया था। 21 दिसंबर 2006 को तत्कालीन एडीजी सीबी सत्पथी ने हरिकेन विमान का फिर से जीर्णोद्धार कराकर दुबारा पुलिस अकादमी की आफीसर्स मेस के पास रखवा दिया था।

अब मिग-21 की जानेंगे खूबियां
करीब दो साल पहले भारतीय वायु सेना के आला अफसरों ने हरिकेन विमान को वापस मांगा था। इसके बदले उन्होंने मिग-21 सुपर सोनिक लड़ाकू जेट विमान देने की पेशकश की थी। पत्राचार के बाद शासन स्तर पर विमान के हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। काफी मशक्कत से शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद मिग-21 को अकादमी में भेज दिया गया था, जबकि हरिकेन को वायु सेना के म्यूजियम में भेजा गया है। इसके बाद हवा से हवा में मिसाइल मार गिराने जेट विमान मिग-21 के संबंध में प्रशिक्षुओं को जानकारी देने की कवायद शुरू हुई थी। अधिकारिक तौर पर अब इसे मंजूरी मिल गई है।

प्रशिक्षण के साथ ही पुलिसकर्मियों को भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास के संबंध में भी जानकारी दी जाती है।
राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक, डा. भीमराव आंबेडकर पुलिस अकादमी

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