लखनऊ: पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग से की मेडिकल बोर्ड बनाने की मांग
लखनऊ। डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। अब पुलिस ने कॉलेज में मजदूरों को बंधक बनाकर बेवजह इलाज करने और अंगों की तस्करी के आरोपों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की है। मेडिकल …
लखनऊ। डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने के लिए पुलिस ने कमर कस ली है। अब पुलिस ने कॉलेज में मजदूरों को बंधक बनाकर बेवजह इलाज करने और अंगों की तस्करी के आरोपों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की है।
मेडिकल बोर्ड को लेकर गांवों में जायेगी पुलिस
याद रहे कि पुलिस को मजदूरों के गांव में कई दूसरे मजदूरों ने बताया था कि पूर्व में उन्हें भी फर्जी मरीज बनाकर अस्पताल ले जाया गया था और बिना कोई बीमारी के उनके ऑपरेशन कर दिये गये थे। इसके बाद कॉलेज पर अंगों की तस्करी के संदेह पर भी पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी।
डीसीपी पश्चिम सोमेन वर्मा ने कॉलेज के आसपास के गांवों और मजदूरों के गांवों में अंग तस्करी के संदेह की जांच के लिए टीमें गठित की थीं। अब स्वास्थ्य विभाग से गठित डॉक्टरों की मेडिकल बोर्ड को लेकर पुलिस इन गांवों में सर्च ऑपरेशन चलायेगी। डीसीपी ने बताया कि अगर सर्च के दौरान कोई संदिग्ध मिला तो मेडिकल बोर्ड के समक्ष ही उसकी मेडिकल जांच होगी। अंग तस्करी की पुष्टि होने पर अलग से कार्रवाई होगी।
अब तक नहीं दिये सीसीटीवी रिकॉर्ड समेत अन्य साक्ष्य
डीसीपी सोमेन वर्मा की ओर से कॉलेज से 10 बिन्दुओं पर जवाब व साक्ष्य मांगते हुए गुरुवार को कॉलेज गेट पर नोटिस चिपकाया गया था। जिसमें कॉलेज प्रबंधन को सीसीटीवी रिकॉर्ड, पिछले एक वर्ष में कॉलेज में काम करने वाले मजदूरों का रिकॉर्ड, मरीजों का रिकॉर्ड आदि की 24 घंटे में जानकारी देने को कहा गया था। पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से अबतक रिकॉर्ड जमा नहीं किये गये हैं।
आज जारी हो सकता है कॉलेज के खिलाफ सर्च वारंट
कॉलेज परिसर के अंदर जांच करने के लिए पुलिस की ओर से दी गई सर्च वारंट याचिका पर अबतक कोर्ट की ओर से सर्च वारंट जारी नहीं किया गया है। संभवत: शनिवार तक कॉलेज के खिलाफ सर्च वारंट जारी हो सकता है। याद रहे कि गुरुवार को पुलिस की टीम कॉलेज परिसर में जांच के लिए पहुंची थी, पर कॉलेज प्रबंधन की ओर से सर्च वारंट की मांग करते हुए पुलिस को जांच से मना कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस की ओर से सर्च वारंट के लिए याचिका दी गई थी।
एक दो दिन में होगी बड़ी कार्रवाई : डीसीपी पश्चिम
डीसीपी पश्चिम सोमेन वर्मा ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से पुलिस को जांच में सहयोग नहीं किया गया है। अब पुलिस सर्च वारंट लेकर ही कॉलेज परिसर में घुसेगी। कई बिन्दुओं पर पुलिस की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। अगले एक-दो दिन में मामले में बड़ी कार्रवाई होगी।
क्या है मामला
ठाकुरगंज थानांतर्गत दुबग्गा स्थित डॉ. एमसी सक्सेना कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंस में गत मंगलवार नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के निरीक्षण को लेकर बेहतर ग्रेडिंग पाने के लिए कुछ मजदूरों को पैसे का लालच देकर फर्जी मरीज बनाकर अस्पताल में भर्ती कर लिया गया था।
इसके कुछ समय बाद मरीजों को बिना कोई बीमारी जबरन वीगो और इंजेक्शन चढ़ाया जाने लगा। जब मरीजों ने इनकार करते हुए वापस जाने की कोशिश की तो कॉलेज के मुख्य गेट पर ताला लगाकर उन्हें बंधक बना लिया गया। पर इसी बीच एक मजदूर किसी तरह भाग कर पुलिस के पास पहुंच गया। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई मजदूरों को अस्पताल से छुड़वाया।
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