Valentine Week : जनम-जनम का साथ है हमारा-तुम्हारा……
मुरादाबाद, अमृत विचार। जो प्यार एक दिन तक सिमटकर रह जाए, वो रिश्ता कैसा। प्यार तो वो है, जिसमें हर दिन एक नया अहसास हो। शिवेंद्र जैन और प्रियंका जैन का कुछ ऐसा ही मानना है। दोनों की लव स्टोरी भी दिलचस्प है। कंप्यूटर सेंटर में चंद सेकेंड के लिए दोनों का आमना-सामना क्या हुआ …
मुरादाबाद, अमृत विचार। जो प्यार एक दिन तक सिमटकर रह जाए, वो रिश्ता कैसा। प्यार तो वो है, जिसमें हर दिन एक नया अहसास हो। शिवेंद्र जैन और प्रियंका जैन का कुछ ऐसा ही मानना है। दोनों की लव स्टोरी भी दिलचस्प है। कंप्यूटर सेंटर में चंद सेकेंड के लिए दोनों का आमना-सामना क्या हुआ कि शिवेंद्र प्रियंका को दिल दे बैठे। अब तो शिवेंद्र के लिए प्रियंका को अपना बनाना जूनून-सा बन गया। यहां से शुरु हुआ एक तरफा मोहब्बत का सुहाना सफर। उन्होंने प्रियंका से बातचीत शुरू करने के लिए बहुत पापड़ बेले।
वेलेंटाइन वीक में अपनी लव स्टोरी बयां करते हुए शिवेंद्र बताते हैं कि उन दिनों घरवाले मेरी शादी के लिए लड़की देख रहे थे। मैंने उन्हें प्रियंका के बारे में बताया, लेकिन जाति अलग होने के कारण घरवालों ने शादी कराने से इनकार कर दिया। एक पल के लिए ऐसा लगा कि जैसे सब खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अपना प्यार पाने के लिए बहुत मेहनत की। सालभर का इंतजार और दोनों परिवार की नाराजगी ने शिवेंद्र के प्यार की कड़ी परीक्षा ली, लेकिन कहते है ना कि प्यार सच्चा हो तो मंजिल मिल ही जाती है। शिवेंद्र ने भी प्यार को हासिल करके ही दम लिया।
शिवेंद्र बताते हैं कि नवंबर 2003 को उनके प्यार की जीत हुई। शादी के बाद करीब 18 वर्ष के सफर में उनके घर दो बेटों ने जन्म लिया। इस दौरान शिवेंद्र ने बुरा वक्त भी देखा, लेकिन प्रियंका हमेशा उनके साथ साये की तरह खड़ी रही। किसी भी मुश्किल में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा। दोनों का एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान का भाव, उन्हें अन्य जोड़ों से अलग बनाता है। प्रियंका के साथ उनकी काफी अच्छी ट्यूनिंग है। वह बताती हैं कि मेरे पति मेरे अच्छे दोस्त भी हैं। उन्होंने कभी पति वाला रौब गालिब नहीं किया। लोग उनकी आपसी समझ और प्यार का उदाहरण देते हैं।
ये भी पढ़ें ….
Valentine Week : दिल से दिल मिल जाएं तो हर बात पीछे छूट जाती है…
Valentine Week: नजरें मिलीं, दिल धड़का और प्यार हो गया
Valentine Week : मिला जो साथ तुम्हारा, जिंदगी और हसीन हो गई…
Valentine’s Week : हमें कहां मालूम था इश्क क्या होता है, इक तुम मिले और जिंदगी मोहब्बत बन गई
