बहराइच: मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. विकास ने किया उमेश के दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण
बहराइच। पयागपुर के मसढी चैराहा निवासी उमेश सैनी कूल्हों में दर्द के कारण पांच साल से परेशान थे। कोशिकाओं में खून की सप्लाई न होने के कारण उनके दोनों कूल्हे सूख गए थे। उनका चलना-फिरना ही नहीं, उठना-बैठना तक दूभर हो गया था। चार साल पहले एमआरआई कराई, जिसमें पता चला कि उन्हें एपीएन हिप …
बहराइच। पयागपुर के मसढी चैराहा निवासी उमेश सैनी कूल्हों में दर्द के कारण पांच साल से परेशान थे। कोशिकाओं में खून की सप्लाई न होने के कारण उनके दोनों कूल्हे सूख गए थे। उनका चलना-फिरना ही नहीं, उठना-बैठना तक दूभर हो गया था।
चार साल पहले एमआरआई कराई, जिसमें पता चला कि उन्हें एपीएन हिप नामक बीमारी है और ये धीरे-धीरे बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. विकास मिश्रा की टीम ने छह दिन पहले उमेश के दोनों कूल्हों का सफल प्रत्यारोपण किया। यह ऑपरेशन लगभग साढ़े चार घंटे चला।
डॉ. विकास ने बताया कि एपीएन हिप बीमारी शराब का सेवन करने, दर्द निवारक गोलियों का सेवन, पुरानी चोट के कारण, खून की बीमारी से होती है। डॉ. विकास ने बताया कि धीरे-धीरे चलाया जा रहा है। अब उमेश बैसाखी नहीं,बल्कि अपने दोनों पैरों से चल सकेगा।
उमेश ने बताया कि अब उसे राहत मिली है। लखनउ में दो लाख रुपये की मांग की गई थी, लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से उसने ऑपरेशन न कराने का मन बनाया था। अब उसे राहत मिली है।
डॉ. विकास मिश्र ने कहा कि अब ऐसे आॅपरेशन जिले में आसानी से हो रहे हैं। धन के बजाए उनके लिए चिकित्सक धर्म ही प्रिय है। मैं पहले इलाज करता हूं, फिर कोई बात होती है। इलाज के अभाव में किसी की जिंदगी बैशाखी पर न आएं। यह उनकी पहली प्राथमिकता रहती है।
अब तक 10 जटिल सर्जरी का बनाया रिकार्ड
मेडिकल कॉलेज के सर्जन डॉ. विकास मिश्र ने अब तक 10 जटिल ऑपरेशन कर चुके हैं। सभी ऑपरेशन उनके सफल रहे। उनकी तैनाती से न केवल बहराइच, बलरामपुर, श्रावस्ती व गोंडा बल्कि सीमावर्ती नेपाल से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं।
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