हल्द्वानी: ऐसे तो पूरा होने से रहा गौला नदी में उपखनिज निकासी का लक्ष्य

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हल्द्वानी, अमृत विचार। इस साल गौला नदी में उपखनिज निकासी का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। नदी में अभी सिर्फ … घनमीटर उपखनिज की निकासी हुई है। खनन सत्र पूरा होने में साढ़े तीन माह का समय बाकी है ऐसे में उपखनिज निकासी का लक्ष्य …. पूरा होते नहीं दिख रहा है। गौला …

हल्द्वानी, अमृत विचार। इस साल गौला नदी में उपखनिज निकासी का लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। नदी में अभी सिर्फ … घनमीटर उपखनिज की निकासी हुई है। खनन सत्र पूरा होने में साढ़े तीन माह का समय बाकी है ऐसे में उपखनिज निकासी का लक्ष्य …. पूरा होते नहीं दिख रहा है।

गौला नदी में हर वर्ष एक अक्टूबर से 31 मई तक खनन सत्र होता है। नदी से अधिकतम 54.25 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी ही हो सकती है हालांकि हर साल उपखनिज कम होने से यह लक्ष्य पूरा नहीं हो पाता है। पिछले साल मानसून सीजन में जबरदस्त बारिश हुई। इस वजह से नदी में भरपूर मात्रा में उपखनिज आया।

इधर, गौला नदी में इस साल 15 नवंबर को खनन शुरू हुआ। अब खनन सत्र समाप्त होने में सिर्फ साढ़े तीन माह का समय ही बाकी है और नदी से अभी तक सिर्फ …लाख घनमीटर उपखनिज निकासी ही हो सकी है। तकरीबन ….लाख घनमीटर उपखनिज निकासी होना बाकी है। मार्च में होली पर कम से कम चार-पांच दिन उपखनिज निकासी प्रभावित होती है।

अमूमन, नदी में रोजाना 25-30 हजार घनमीटर उपखनिज की निकासी होगी। ऐसे में साढ़े तीन माह में उपखनिज निकासी का लक्ष्य पूरा होना मुश्किल दिख रहा है। यदि लक्ष्य पूरा नहीं होता है सरकार को राजस्व का नुकसान होगा, दूसरा खनन कारोबारियों को भी पर्याप्त मात्रा में उपखनिज नहीं मिल पाएगा।

हड़ताल और पानी की वजह से प्रभावित हुई थी निकासी 

नदी में पानी की वजह से इस साल खनन सत्र करीब डेढ़ माह बाद शुरू हुआ। 15 नवंबर को खनन सत्र शुरू हुआ। कुछ दिन बाद भाड़ा बढ़ाने को लेकर डंपर और क्रशर स्वामियों में तनातनी हो गई थी। इस वजह से भी कई दिनों तक उपखनिज निकासी प्रभावित हुई थी।

 कोरोना काल में बढ़ा था खनन सत्र का एक माह

कोरोना की दूसरी लहर में राज्य सरकार ने गौला नदी में खनन सत्र की अवधि एक माह बढ़ाने की मांग की थी। इसके बाद गौला नदी में जून तक खनन हुआ था। यह पहली बार हुआ था जब जून में खनन हुआ था।

गौला नदी में खनन किया जा रहा है। वन निगम की पूरी कोशिश है कि नदी से उपखनिज निकासी के निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।

 आरपी भारती, क्षेत्रीय प्रबंधक, वन विकास निगम

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