प्रयागराज में शुरू हुआ त्रिजटा स्नान, श्रद्धालु कर रहे तप और दान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग में त्रिजटा स्नान की शुरुआत हो गई है। फाल्गुन मास की तृतीया में ये स्नान किया जाता है। मान्यता है कि गंगा में इस स्नान के करने से मोक्ष और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने कल्पवास में रुके संत गंगा के किनारे रुकते हैं और अंत में अपने गंतव्य को …

प्रयागराज। तीर्थराज प्रयाग में त्रिजटा स्नान की शुरुआत हो गई है। फाल्गुन मास की तृतीया में ये स्नान किया जाता है। मान्यता है कि गंगा में इस स्नान के करने से मोक्ष और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस महीने कल्पवास में रुके संत गंगा के किनारे रुकते हैं और अंत में अपने गंतव्य को पलायन कर जाते हैं।

त्रिजटा स्नान का बहुत महत्व माना गया है। मान्यता है कि त्रिजटा स्नान के बाद दान करने से असीम सुख का अनुभव होता है। पुराणों के अनुसार त्रिजटा स्नान की जड़ त्रेता युग से जुड़ी हुई है। जब माता सीता को रावण हरण करके लंका ले गया था तो यहां अशोक वाटिका की सेविका त्रिजटा ने माता सीता की बहुत सेवा की थी। यही कारण था कि त्रिजटा को मोक्ष प्राप्त हुआ था। इसी के बाद से पौराणिक काल से ये परंपरा चली आ रही है और लोग त्रिजटा स्नान में मां गंगा में स्नान करते हैं और पुण्य की प्राप्ति करते हैं।

यह भी पढ़ें: बरेली: दहेज में नहीं दी कार, तो बहू को खिलाई गलत दवा, इलाज के दौरान मौत, ससुरालियों पर मुकदमा

संबंधित समाचार