लखनऊ: विधान परिषद सदस्य अहमद हसन का हुआ निधन, लोहिया संस्थान में चल रहा था इलाज

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता विरोधी दल व पूर्व मंत्री अहमद हसन का लंबी बीमारी के बाद शनिवार की सुबह डॉ राम मनोहर लोहिया में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें शुक्रवार को डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के क्रिटिकल केयर …

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता विरोधी दल व पूर्व मंत्री अहमद हसन का लंबी बीमारी के बाद शनिवार की सुबह डॉ राम मनोहर लोहिया में निधन हो गया। वह 88 वर्ष के थे। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें शुक्रवार को डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था। वह सपा के कद्दावर नेता थे।

सपा की सरकार में वह स्वास्थ्य व शिक्षा मंत्री भी रहे। अहमद हसन के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है। सपा ने ट्वीट के जरिये उनके निधन की जानकारी दी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिव पाल सिंह यादव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने शोक प्रकट किया है।

अहमद हसन राज्य पुलिस सेवा और प्रोन्नत होकर भारतीय पुलिस सेवा में रहे। उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अहमद हसन भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत्त होने के उपरांत करीब 40 सालों से उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे। तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी सरलता सहजता व वाकपटुता के लिए जाने जाते रहे हैं।

उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि आईपीएस की नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और तभी से ही विधान परिषद के सदस्य रहे। तत्कालीन सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके अहमद हसन एक जनप्रिय नेता थे। उनके निधन से प्रदेश की राजनीति में शून्यता आई है जिसकी भरपाई हो पाना कठिन है।

विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने कहा कि सपा की तत्कालीन सरकार में साथी रहे अहमद हसन कैबिनेट मंत्री के रूप में अपनी सरलता, सहजता व वाकपटुता से सभी लोगों के प्रिय रहे।

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